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________________ अणुओगदारसुत्तं-कालप्पमाणे 1243 इजइ, अण्णम्मि काले उवरिल्ले संघाए विसंघाइलाइ, अण्णग्मि काले हे डिल्ले संधाए विसंघाइजइ, तम्हा से समए ण भवइ / एत्तो वि य णं सुहुमतराए समए पत्ते समणाउसो !, असंखिजाणं समयाणं समुदयसमिइसमागमेणं सा एगा 'आलिय त्ति वुच्चइ, संखिजाओ आवलियाओ=ऊसासो, संखिजाओ आवलियाओ= णीसाओ। गाहाओ-हट्ठस्स अणवगल्लस्स, णिरुवक्किट्ठस्स जंतुणो। एगे उसासणीसासे, एस 1णुत्ति वुच्चइ // 1 // सत्तपाणूणि से थोवे, सत्त थोवाणि से लवे / लवाणं सत्तहतरीए, एस मुहुत्ते वियाहिए // 2 // तिण्णि बहस्सा सत्त य, सयाई तेहुत्तरि च ऊसासा / एस मुहुत्तो भणिओ, सव्वेहिं अणंतणाणीहि // 3 // एएणं मुहुसपमाणेणं तीसं मुहुत्ता अहोरत्तं, पण्णरस अहोरत्ता-पक्खो, दो पक्खा मासो,दो मासा-3ऊ, तिणि उऊ अयणं, दो अयणाईसंवच्छरे, पंच संवच्छराई जुगे, वसं जुगाईवाससयं, दस बाससयाई-वाससहस्सं, सयं वाससहस्साणं वाससयसहरसं, चोरासीइं वाससयसहस्साई-से एगे पुव्वंगे, चउरासीई पुत्वंगसयसहस्साई-से एगे पुव्वे, चउरासीइं.पुम्बसयसहस्साई-से एगे तुडियंगे, चउरासी इं तुडियंगसयसहस्साई-से एगे तुडिए, चउरासीइं तुडियसयसहस्साई-से एगे अडडंगे, चउरासीई अडडंगसयसहस्साई-से एगे अडडे, एवं अववंगे,अववे, हुहुयंगे, हुहुए, उप्पलंगे, उप्पले, पउमंगे, पउमे, णलिणंगे, णलिणे, अच्छणिउरंगे, अच्छणिउरे, अउयंगे, अउए, पउयंगे, पृउए, गउयंगे, णउए,चूलियंगे, चूलिया, सीसपहेलियंगे, चउरा सीइं सीसपहेलियंगसयसहस्साइं-सा .एगा सीसपहेलिया। एयावया चेव गणिए, एयाबया चेय गणियस्स विसए, एत्तो परं ओबमिए पवत्तइ // 138 / / से किं तं ओवमिए ? ओवमिए दुविहे पण्णत्ते / तंजहा-पलिओवमे य 1 सागरोवमे य 2 / से किं तं पलिओवमे ? पलिओवमे तिविहे पण्णत्ते / तंजहा-उद्धारपलिओवमे 1 अद्धापलिओवमे 2 खेत्तपलिओवमे य 3 / से किं तं उद्धारपलिओवमे ? उद्धारपलिओवमे दुविहे पण्णत्ते / तनहा-सुहुमे 1 वाबहारिए य 2 / तत्थ णं जे से सुहुमे से ठप्पे। तत्थणं जे से वावहारिए-से जहाणामए पर सिया-जोयणं आवामविक्खं. भेणं, जोयणं उडे उच्चत्तण, तं तिगुणं रविसेसं परिक्खेवेणं, से णं पल्ले एगाहिय'बेयाहियतेयाहिय नाव उक्कोसेणं सत्तरत्तपरूढाणं संसले संणिचिए भरिए वालगकोडीणं ते णं वालग्गा णो अग्गी डहेजा, णो वाऊ हरेजा, णो कुहेजा, णो पलिविद्धं सिज्जा, णो पूइत्ताए हव्वमागन्छेजा,तओ गं समए समए एगमेगं वालग्गं अवहाय नावइ
SR No.004389
Book TitleAnangpavittha Suttani Bio Suyakhandho
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRatanlal Doshi, Parasmal Chandaliya
PublisherAkhil Bharatiya Sadhumargi Jain Sanskruti Rakshak Sangh
Publication Year1984
Total Pages746
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari, agam_jambudwipapragnapti, agam_jambudwipapragnapti, agam_nirayavalika, agam_kalpavatansika, agam_pushpika, agam_pushpachulika, agam_vrushnidasha, & agam
File Size13 MB
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