SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 87
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ 514 ] __[ श्रीमदागमसुधासिन्धुः :: तृतीयो विभागः एगा यावतीगंगा सत्त श्रावतीगंगायो सा एगा परमावती, एवामेव सपुव्वा. वरेणं एगं गंगासयसहस्सं सत्तर सहस्सा छच्चगुणपन्न गंगासया (यगुणपन्नं अगुणपन्ना गंगासया) भवंतीति मक्खाया 4 / तासिं दुविहे उद्धारे पराणत्ते, तंजहा-सुहुम-बोंदि कलेवरे चेव बायर-बोंदि-कलेवरे चेव, तत्थ णं जे से सुहुमबोंदि-कलेवरे से ठप्पे, तत्थ णं जे से बायरबोंदिकलेवरे तयो णं वाससए 2 गए 2 एगमेगं गंगावालुयं अवहाय जावतिएणं कालेणं से कोट्टे खीणे णीरेए निल्नेवे निट्टिए भवति सेत्तं सरे सरप्पमाणे, एएणं सरप्पमाणेणं तिनि सरसयसाहस्सीयो से एगे महाकप्पे चउरासीइ महाकप्पसयसहस्साइं से एगे महामाणसे, अणंतायो. संजूहायो जीवे चयं चइत्ता उवरिल्ले माणसे संजूहे देवे उपवजति 5 / से णं तत्थ दिव्वाई भोगभोगाई भुजमाणे विहरइ विहरित्ता तायो देवलोगायो थाउक्खएणं भवक्खएणं ठिक्खएणं अशांतरं चयं दत्ता प्रहमे मनिगमे जीरे श्वाति 6 / सेयं तयोहितो अगांतरं उव्वट्टित्ता मझिल्ले माणसे संजूहे देवे उववजइ, से णं तत्थ दिव्वाइं भोगभोगाइं जाव विहरित्ता तायो देवलोयायो आउक्खएणं 3 जाव चइता दोच्चे सन्निगन्भे जीवे पञ्चायाति 7 / से णं तयोहितो अणंतरं उव्वट्टित्ता हेट्ठिल्ले माणसे संजूहे देवे उववजइ, से णं तत्थ दिव्वाई जाव चइत्ता तच्चे सन्निगन्भे जीवे पञ्चायाति 8 / से णं तयोहिंतो जाव उबट्टित्ता उवरिल्ले माणुसुत्तरे संजूहे देवे उववजिहिति, से णं तत्थ दिव्वाई भोग जाव चइत्ता चउत्थे सन्निगन्भे जीवे पचायाति 1 / से णं तयोहितो अशांतरं उव्वट्टित्ता मझिल्ले माणुसुत्तरे संजूहे देवे उववज्जति, से णं तत्थ दिव्वाइं भोग जाव चइत्ता पंचमे सन्निगम्भे जीवे पचायाति 10 से गां तथोदितो अशांतरं उव्यट्टित्ता हिडिल्ले माणुसुत्तरे संजूहे देवे उववजति, से णं तस्थ दिव्वाइं भोग जाव चइत्ता छट्टे सन्निगन्भे जीवे पञ्चा. याति 11 / से णं तयोहितो यणांतरं. उवट्टित्ता बंभलोगे नाम से कप्पे
SR No.004364
Book TitleAgam Sudha Sindhu Part 03
Original Sutra AuthorN/A
AuthorJinendravijay Gani
PublisherHarshpushpamrut Jain Granthmala
Publication Year1977
Total Pages418
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari & agam_bhagwati
File Size9 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy