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________________ 222 2.काल. दसवाँ अध्याय अल्पबहुत्व (सिद्ध होने वाले जीवों की संख्या की तुलना) कम से ज्यादा 1. क्षेत्र | लवणसमुद्र <कालोदधि समुद्र < जम्बूद्वीप धातकी खण्ड द्वीप < पुष्करार्द्ध द्वीप | उत्सर्पिणी < अवसर्पिणी < दोनों से रहित (विदेह . क्षेत्र में परिवर्तन नहीं) 3. गति(भूत अपेक्षा) तिर्यंच गति < मनुष्य गति < नरक गति < देव गति |किस गति से आकर 4.लिंग(भत अपेक्षा) भाव नपुंसक वेद < भाव स्त्री वेद (भाव पुरुषवेद 5. तीर्थ तीर्थंकर केवली < सामान्य केवली 6.चारित्र(भूत अपेक्षा) 5 चारित्र वाले < 4 चारित्र वाले 7.प्रत्येक-बोधितबुद्ध प्रत्येक बुद्ध < बोधित बुद्ध 8.ज्ञान(भूत अपेक्षा) 2 ज्ञानधारी < 4 ज्ञानधारी < 3 ज्ञानधारी 9. अवगाहना | जघन्य अवगाहना < उत्कृष्ट अवगाहना < मध्यम अवगाहना 10. अंतर 6 माह के अंतर से <1 समय के अंतर से < मध्य के अंतर से 11. संख्या(1 समय 108 जीव < 107-50 जीव < 49-25 जीव में सिद्ध) < 24-1 जीव Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org
SR No.004253
Book TitleTattvartha Sutra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorPuja Prakash Chhabda
PublisherJain Sanskruti Samrakshak Sangh Solapur
Publication Year2010
Total Pages258
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size17 MB
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