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१३७८
१५२९
क्रमांक विषय
पृष्ठ | क्रमांक विषय ३१२ श्रावक व्रत के भंग
उद्देशक ९ ३१३ आजीविकोपासक और
३२५ प्रयोग और विलसा बंध श्रमणोपासक
१४६६ १३८६ ३२६ प्रयोग बंध
१४७५ उद्देशक ६
३२७ शरीर बंध
१४८१
३२८ वैक्रिय शरीर प्रयोग बंध ३१४ श्रमण-अश्रमण के प्रतिलाभ
१४९८
३२६ आहारक शरीर प्रयोग बंध १५११ का फल
१३९२
३३० तेजस्-शरीर प्रयोग बंध ३१५ दूसरों के लिये प्राप्त पिण्ड का
१५१५
३३१ कार्मण-शरीर प्रयोग बंध उपभोग
१३९५
३३२ शरीर बंध का पारस्परिक ३१६ अकृत्य सेवी आराधक ? १३९९
सम्बन्ध ३१७ दीपक जलता है या बत्ती ? १४०६
३३३ बंधकों का अल्पबहुत्व ३१८ क्रियाएँ कितनी लगती हैं ? १४०७
१५३५ .
उद्देशक १० उद्देशक ७
३३४ श्रुत और शील के आराधक १५३७ ३१९ अन्य तीथिक और स्थविर संवाद १४१५ / ३३५ जघन्यादि आराधना और
आराधक
१५४१ उद्देशक ८
। ३३६ आराधकों के शेष भव १५४५ ३२० प्रत्यनीक ।
१४२८ ३३७ पुद्गल का वर्णादि परिणाम १५४७ ३२१ व्यवहार के भेद
। ३३८ पुद्गलास्तिकाय के प्रदेश १५४९ ३२२ ऐर्यापषिक और सांपरायिक ३३९ लोकाकाश और जीव के प्रदेश १५५१
१४३५ ३४० कर्म-वर्गणाओं से आबद्ध जीव १५५२ ३२३ कर्म प्रकृति और परीषह १४५१ ३४१ कर्मों का पारस्परिक संबंध १५५६ ३२४ सूर्य और उसका प्रकाश . १४६२ । ३४२ जीव पुद्गल है या पुद्गली ? १५६५
१४३२
बन्ध
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