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________________ १२ - पाठशाला के बालकों को किसी के हाथों इनाम आदि वितरण करने की पाठशाला/साधारण १३ -स्नात्रपूजा पढ़ाने हेतु खर्चे की राशि (सिंहासन आदि चीजों के इस्तेमाल हेतु सुयोग्य नकरा-शुल्क देवद्रव्य में देना चाहिए) स्नात्रपूजा नोंध : स्नात्रपूजा के खाते में बड़ी राशि इकट्ठी होने पर भव्य स्नात्र महोत्सव पढ़ा सकते हैं । १४ -आंगी-अंगरचना-रोशनी कराने हेतु खर्चे की राशि आंगीखाता नोंध : जिसने जितने रुपयों की आंगी लिखाई हो, उतने रुपयों की आंगी करनी चाहिए । उसमें से द्रव्य बचाना नहीं चाहिए । १५ - ग्रंथ प्रकाशन/विमोचन करने की (A) ग्रंथ ज्ञानखाते की राशि से छपा हो तो ज्ञानखाता (B) ग्रंथ व्यक्तिगत द्रव्य से छपा हो तो पुस्तक प्रकाशन में : ३६ - दीक्षा प्रसंग पर की जाती बोलियाँ बोली किस खाते में १ - दीक्षार्थी को अंतिम विदाई/विजय तिलक करने की साधारण २ - दीक्षार्थी को हार पहनाने की साधारण ३ - दीक्षार्थी को श्रीफल अर्पण करने की साधारण ४ - दीक्षार्थी को साफा/शॉल आदि पहनाने की साधारण ५ - दीक्षार्थी को सम्मान पत्र अर्पण करने की ६ - दीक्षार्थी के माता-पिता का विभिन्न रूप से बहुमान करने की साधारण साधारण | धर्मद्रव्य का संचालन कैसे करें ? ३५ Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org
SR No.004076
Book TitleDharmdravya ka Sanchalan Kaise kare
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDharmdhwaj Parivar
PublisherDharmdhwaj Parivar
Publication Year2012
Total Pages180
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Devdravya
File Size5 MB
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