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________________ ( १२ ) - मैथिल कवि विद्यापति की 'पुरुष परीक्षा' ग्रन्थ के दयावीर कथा में वीर हम्मीर का वृतान्त पाया जाता है। पुरुष परीक्षा प्रन्थ अब अप्राप्य सा है, इसलिये हमारे ग्रन्थालय के प्राचीन संस्करण से दयावीर कथा को हिन्दी अनुवाद के साथ परिशिष्ट नं० ३ में दे दिया गया है। हम्मीर सम्बन्धी अप्रकाशित रचनाओं में कवि महेश के हम्मीर रासे की दो त्रुटित प्रतियाँ हमारे संग्रह में है। उस ग्रन्थ की कई पूर्ण प्रतियां राजस्थान प्राच्य विद्याप्रतिष्ठान, जोधपुर आदि के संग्रह में हैं उनकी प्रतिलिपि प्राप्त करने का भी प्रयत्न किया गया पर उन प्रतियों में अत्यधिक पाठ भेद होने से उसका स्वतंत्र सम्पादन करना ही उचित समझा गया अतः इसमें सम्मिलित नहीं किया गया। हम्मीरायण नामक एक और काव्य भी प्राप्त है जिसकी एक अशुद्ध-सी प्रति राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान ने और उसके बृहद् रूपान्तर की प्रतिलिपि स्वर्गीय पुरोहित हरिनारायण जी के संग्रह में है, वह ग्रन्थ काफी बड़ा होने से मुनिजिन विजय जी ने श्री अगरचन्द जी नाहटा के सम्पादन में राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान से प्रकाशन करना निर्णय किया है। " हम्मीरदेव वनिका नामक एक और महत्वपूर्ण रचना की प्रति श्री उदयशङ्कर जी शास्त्री के संग्रह में है, उसका भी स्वतन्त्र रूप से वे सम्पादन कर रहे हैं इसलिये उसका उपयोग यहां नहीं किया जा सका है। माननीय डा० दशरथ शर्मा ने इस ग्रन्थ की विस्तृतब शोधपूर्ण प्रस्ताबना लिख देने की कृपा की है इसके लिए हम उनके अत्यन्त आभारी हैं। प्रकाशित रचनाओं का कथासार देने का विचार था, पर उसका समावेश डा० दशरथ जी की भूमिका में हो गया है अतः इस ग्रन्थ के पृष्ठों को अनावश्यक बढ़ाना उचित नहीं समझा गया। .. . .. भंवरलाल नाहटा Jain Educationa International For Personal and Private Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003823
Book TitleHammirayan
Original Sutra AuthorN/A
AuthorBhanvarlal Nahta
PublisherSadul Rajasthani Research Institute Bikaner
Publication Year
Total Pages242
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size8 MB
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