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________________ [205] सोयंकरे खेमंकर आभंकर पंभकरे य बोधव्वे / अरए विरए य तधा असोगे तह वीतसोगे य / [206] विमल वितत्त विवत्थे विसाल तह साल सुव्वते चेव अणियट्टि एगजडि य होई बिजडी य बोधव्वे / [207] कर करिए रायग्गल बोधव्वे पुप्फ भावकेतू य / अट्ठासीति खलु गहा नेतव्वा आणुपुव्वीए / . वीसइमं पाहडं समत्तं . [208] इह एस पाहुडत्था अभव्वजणहिययदुल्लहा इणमो / उविकत्तिता भगवती जोतिसरायस्स पन्नत्ती / 209] एस गहितावि संति थद्धे गारविय-माणि-पडीणीए / अबहुस्सुए णं देया तव्विवरीते भवे देया / [210] सद्धा-धिति-उट्ठाणुच्छाह-कम्म-बल-वीरिय-परिसकारेहिं / जो सिक्खिओवि संतो अभायणे पक्खिवेज्जाहि / [211] सो पयवण-कुल-गण-संधबाहिरो नाणविणयपरिहीणो / अरहंतथेरगणहरमरं किर होति वोलीणो / [212] तम्हा धिति-उट्ठाणुच्छाह-कम्म-बल-वीरियसिक्खियं नाणं / धारेयव्वं नियमा ण य अविणीएस् दायव्वं / [213] वीरवरस्स भगवतो जरमरणकिलेसदोसरहियस्स / वंदामि विणयपणतो सोक्खुप्पाए सदा पाए / [214] इइ संगहणी गाहा | * मुनि दीपरत्नसागरेण संशोधितः सम्पादित्तश्च सूरपन्नत्ति उवंगं समत्तं . सरपन्नत्ती-पंचमं उवंगं समत्तं Proof correction is not done दीपरत्नसागर संशोधितः] [65] [१६-सूरपन्नत्ति]
SR No.003731
Book TitleAgam 16 Surpannatti Pancham Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2012
Total Pages66
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 16, & agam_suryapragnapti
File Size2 MB
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