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________________ । चउवीसइमं कम्मबंधपयं । [५४६] कति णं भंते कम्मपगडीओ पन्नत्ताओ गोयमा अट्ठ कम्मपगडीओ पन्नत्ताओ तं जहा- नाणावरणिज्जं जाव अंतराइयं एवं नेरइयाणं जाव वेमाणियाणं जीवे णं भंते नाणावरणिज्जं कम्म बंधमाणे कति कम्मपगडीओ बंधति गोयमा सत्तविहबंधए वा अहविहबंधए वा छव्विहबंधए वा नेरइए णं भंते नाणावरणिज्जं कम्मं बंधमाणे कति कम्मपगडीओ बंधंति गोयमा सत्तविहबंधए वा अट्ठविहबंधए वा एवं जाव वेमाणिए नवरं-मणूसे जहा- जीवे, जीवा णं भंते नाणावरणिज्जं कम्मं बंधमाणा कति कम्मपगडीओ बंधति गोयमा सव्वे ति ताव होज्जा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य छव्विहबंधगे य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य छव्विहबंधगा य नेरड्या णं भंते नाणावरणिज्जं कम्मं बंधमाणा कति कम्मपगडीओ बंधंति गोयमा सव्वे वि ताव होज्जा सत्तविहबंधगा अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगे य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य तिण्णि भंगा एवं जाव थ वेक्काइयाणं च्छा गोयमा सत्तविहबंधगा वि अट्ठविहबंधगा वि एवं पय-२४ जाववणस्सतिकाइया, वियलाणं पंचेंदियतिरिक्खजोणियाण य तियभंगो-सव्वे वि ताव होज्जा सत्तविहबंधगा अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधए य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य | मणूसा णं भंते नाणावरणिज्जस्स पुच्छा गोयमा सव्वे वि ताव होज्जा सत्तविहबंधगा अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधए य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य अहवा सत्तविहबंधगा य छव्विहबंधए य अहवा सत्तविहबंधगा य छव्विहबंधगा य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधए य छव्विहबंधए य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगे य छव्विहबंधगा य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य छव्विहबंधए य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य छव्विहबंधगा य एवं एते नव भंगा सेसा वाणमंतराइया जाव वेमाणिया जहा- नेरइया सत्तविहादिबंधगा भणिया तहा भाणियव्वा, एवं जहा- नाणावरणं बंधमाणा जाहिं भणिया दंसणावरणं पि बंधमाणा ताहिं जीवादीवा एगत्त-पोहत्तेहिं भाणियव्वा वेयणिज्जं बंधमाणे जीवे कति कम्मपगडीओ बंधंति गोयमा सत्तविहबंधए वा अट्ठविहबंधए वा छव्विहबंधए वा एगविहबंधए वा एवं मणसे वि सेसा नारगादीया सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य जाव वेमाणिए जीवा णं भंते वेयणिज्ज कम्म पुच्छा गोयमा सव्वे वि ताव होज्जा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य एगविहबंधगा य अहवा सत्तविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य एगविहबंधगा य छव्विहबंधगे य अहवा सत्तविह-बंधगा य अट्ठविहबंधगा य एगविहबंधगा य छव्विहबंधगा य अवसेसा नारगादीया जाव वेमाणिया जाओ नाणावरणं बंधमाणा बंधति ताहिं भाणियव्वा नवरं, मणूसा णं भंते वेदणिज्जं कम्मं बंधमाणा कति कम्मपगडीओ बंधंति गोयमा सव्वे वि ताव होज्जा सत्तविहबंधगा य एगविहबंधगा य अहवा सत्तविहबंधगा य एगविहबंधगा य अट्ठविहबंधए य अहवा सत्तविहबंधगा य एगविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य अहवा सत्तविहबंधगा य एगविहबंधगा य छव्विहबंधगा य अहवा सत्तविहबंधगा य एगविहबंधगा य अट्ठविहबंधए य छव्विहबंधए य अहवा सत्तविहबंधगा य एगविहबंधगा य अट्ठविहबंधए य छव्विहबंधगा य अहवा सत्तविहबंधगा य एगविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य छव्विहबंधए य अहवा सत्तविहबंधगा य एगविहबंधगा य अट्ठविहबंधगा य छव्विहबंधगा य एवं नव भंगा, मोहणिज्जं कम्मं बंधमाणे पुच्छा गोयमा जीवेगिंदियवज्जो तियभंगो दीपरत्नसागर संशोधितः] [174] [१५-पन्नवणा]
SR No.003729
Book TitleAgam 15 Pannavana Chauttham Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 15, & agam_pragyapana
File Size3 MB
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