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________________ पय-२१ सरीरे, जदि गब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे किं पुच्छा गोयमा कम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे नो अकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे नो अंतरदीवगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे, जदि कम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे किं पुच्छा गोयमा संखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसाहारगसरीरे नो असंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे, जदि संखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंकियमणूसआहारगसरीरे किं पुच्छा गोयमा पज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे नो अपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूस आहारगसरीरे, जदि पज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे किं पुच्छा गोयमा सम्मद्दिट्ठिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे नो मिच्छद्दिट्ठिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे नो सम्मामिच्छद्दिट्ठिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे, जदि सम्मद्दिहिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे किं पुच्छा गोयमा संजयसम्मद्दिट्ठिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे नो असंजयसम्मद्दिट्ठीपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे नो संजयासंजजयसम्मद्दिट्ठिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे जदि संजतसम्मद्दिट्ठिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूस आहारगसरीरे किं० पुच्छा गोयमा पमत्तसंजयसम्मद्दिहिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसआहारगसरीरे नो अपमत्तसंजतसम्मद्दिद्विपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूस आहारगसरीरे जदि पमत्तसंजयसम्मद्दिट्ठिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवतियमणूसआहारगसरीरे किं० पुच्छा गोयमा इढिपत्तपमत्तसंजयसम्मद्दिट्ठिपज्जत्तगसंखेज्जवासाउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूसहारागसरीरे नो अणिढिपत्तपमत्तसंजय सम्मदिट्ठिपज्जत्तगसंखेज्जवा-साउयकम्मभूमगगब्भवक्कंतियमणूस आहारगसरीरे आहारगसरीरे णं भंते किंसंठिए पन्नत्ते गोयमा समचउरसंसंठाणसंठिए पन्नत्ते आहारगसरीरस्स णं भंते केमहालिया सरीरोगाहणा पन्नत्ता गोयमा जहण्णेणं देसूणा रयणी उक्कोसेणं पडिपुन्ना रयणी । [५२०] तेयगसरीरे णं भंते कतिविहे पन्नत्ते गोयमा पंचविहे पन्नत्ते तं जहाएगिदियतेयगसरीरे जाव पंचेंदियतेयगसरीरे, एगिदियतेयगसरीरे णं भंते कतिविहे पन्नत्ते गोयमा पंचविहे पन्नत्ते तं जहा- पुढविक्काइयएगिदियतेयगसरीरे जाव वणप्फइकाइएगिदियतेयगसरीरे एवं जहाओरालियसरीरस्स भेदो भणिओ तहा तेयगसस्स वि जाव चउरिंदियाणं. पंचेंदियतेयगसरीरे णं भंते कतिविहे पन्नत्ते गोयमा चउव्विहे० नेरइयतेयगसरीरे जाव देवतेयगसरीरे नेरइयाण दुगतो भेदो भाणियव्वे जहा- वेउव्वियसरीरे पंचेंदियतिरिक्खजोणियामं मणूसाण या जहा- ओरालियसरीरे भेदो भणितो तहा भाणियव्वो देवाणं जहा- वेउव्वियसरीरे भेओ भणितो तहा भाणियव्वो जाव सव्वट्ठसिद्धदेवे त्ति, तेयगसरीरे णं भंते किसंठिए पन्नत्ते गोयमा नानासंठाणसंठिए पन्नत्ते एगिदियतेयगसरीरे णं भंते किसंठिए० गोयमा नाणासंठाणसंठिए पन्नत्ते पुढविकाइएगिंदियतेयगसरीरे णं भंते किसंठिए० गोयमा मसूरचंदसंठासंठिए पन्नत्ते एवं ओरालियसंठाणाणुसारेणं भाणियव्वं जाव चउरिंदियाणं ति नेरइयाणं भंते तेयगसरीरे किसंठिए पन्नत्ते गोयमा जहा- वेठब्वियसरीरे पंचेंदियतिरिक्खजोणियाणं मणूसाणं य जहा- एतेसिं चेव ओरालिय दीपरत्नसागर संशोधितः] [155] [१५-पन्नवणा]
SR No.003729
Book TitleAgam 15 Pannavana Chauttham Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 15, & agam_pragyapana
File Size3 MB
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