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________________ भवेतारूवा गोयमा नो इणढे समढे सुक्कलेस्सा णं एत्तो इद्वतरिया जाव मणामतरिया चेव वण्णेणं पन्नत्ता एयाओ णं भंते छल्लेस्साओ कतिसु वण्णेसु साहिज्जति गोयमा पंचसु० कण्हलेसा कालएणवण्णेणं साहिज्जति नीललेस्सा नीलएणवण्णेणं साहिज्जति काउलेस्सा काललोहिएणवण्णेणं साहिज्जति तेलेस्सा लोहिएणवण्णेणं साहिज्जइ पम्हलेस्सा हालिद्दएणं-वण्णेणं साहिज्जइ सुक्कलेस्सा सुक्किलएणं वण्णेणं साहिज्जइ । [४६५] कण्हलेस्सा णं भंते केरिसिया आसाएणं पन्नत्ता गोयमा से जहानामए निंबे इ वा णिंबसारे इ वा निंबछल्ली इ वा निंबफाणिए इ वा कुडए इ वा कुडगफले इ वा कुडगछल्ली इ वा कुडगफाणिए इ वा कडुगतुंबी इ वा कडुगतुंबीफले इ वा खारतउसी इ वा खारतउसीफले इ वा देवदाली इ वा देवदालिपुप्फे इ वा मियवालुंकी इ वा मियवालुंकीफले इ वा घोसाडिए इ वा घोसाडइफले इ वा कण्हकंदए इ वा वज्जकंदए इ वा भवेतारूवा गोयमा नो इणढे समढे कण्हलेस्सा णं एत्तो अणिद्वत-रिया चेव जाव अमणामतरिया चेव आसाएणं पन्नत्ता, नीललेस्साए पुच्छा गोयमा से जहानामए-भंगी ति वा भंगीरए इ वा पाढा इ वा चविया इ वा चित्तामूलए इ वा पिप्पलीमूलए इ वा पिप्पली इ वा पिप्पलिचुण्णे इ वा मिरिए इ वा मिरियचुण्णे इ वा सिंगबेरे इ वा सिंगबेरचण्णे इ वा भवेतारूवा गोयमा नो इणढे समढे नीललेस्सा णं एत्तो अणिद्वतरिया चेव जाव अमणामतरिया चेव आसएणं पन्नत्ता, काउलेस्साए पुच्छा गोयमा से जहानामए-अंबाण वा अंबाडगाण वा वा बिल्लाण वा कविट्ठाम पय-१७ वा भव्वाण वा फणसाण वा दालिमाण वा पारेवताण वा अक्खोडयाण वा चाराण वा बोराण वा तेयाण वा अपक्काणं अपरियागाणं वण्णेणंअनुववेताणं गंधेणंअनुववेताणं फासेणंअनुववेताणं भवेतारूवा गोयमा नो इणढे समढे एत्तो अणिद्वतरिया चेव जाव अमणामतरिया चेव काउलेस्सा आसाएणं पन्नत्ता, तेउलेस्सा णं पुच्छा गोयमा से जहानामए-अंबाण वा जाव तेंदुयाण वा पक्काणं परियावण्णाणं वण्णेणं उववेताणं पसत्थे णं जाव फासेणं जाव एत्तो इद्वतरिया चेव जाव मणामतरिया चेव तेउलेस्सा आसाएणं पन्नत्ता, पम्हलेस्साए पुच्छा गोयमा से जहानामए-चंदप्पभा इ वा मणिसिलागा इ वा वरसीधू ई वा वरवारुणी इ वा पत्तासवे इ वा पुप्फासवे इ वा फलासवे इ वा चोयासवे इ वा आसवे इ वा मधू इ वा मेरए इ वा काविसायणे इ वा खज्जूरसारए इ वा मुद्दियासारए इ वा सुपिक्कखोयरसे इ वा अट्ठपिट्ठणिट्ठिया इ वा जंबूफलकालिया इ वा वरपसण्णा इ वा आसला मासला पेसला इसिं ओढावलंबिणी ईसिं वोच्छेयकडुई ईसिं तंबचच्छिकरणी उक्कोसमदपत्ता वण्णेणं उववेया जाव फासेणं आसायणिज्जा वीसायणिज्जा पीणणिज्जा विहणिज्जा दीवणिज्जा दप्पणिज्जा मयणिज्जा सव्विंदिय-गायपल्हायणिज्जा भवेतारूवा गोयमा नो इणढे समटे पम्हलेस्सा णं एत्तो इद्वतरिया चेव जाव मणामतरिया चेव आसाएणं पन्नत्ता, कलेस्सा णं भंते केरिसिया आसाएणं पन्नत्ता गोयमा से जहानामए-गुले इ वा खंडे इ वा सक्करा इ वा मच्छंडिया इ वा पप्पडमोदए इ वा भिसकंदे इ वा पुप्फत्तरा इ वा पउमुत्तरा इ वा आदसिया इ वा सिद्धत्थिया इ वा आगासफलिओवमा इ वा अणोवमा इ वा भवेतारूवा गोयमा नो इणढे समढे सुक्कलेस्सा णं एत्तो इछतरिया चेव जाव मणामतरिया चेव आसाएणं पन्नत्ता । [४६६] कति णं भंते लेस्साओ दुब्भिगंधाओ पन्नत्ताओ गोयमा तओलेस्साओ० किण्हलेस्सा नीललेस्सा काउलेस्सा कति णं भंते लेस्साओ सुब्भिगंधाओ पन्नत्ताओ गोयमा तओ लेस्साओ० तेउलेस्सा पम्हलेस्सा सुक्कलेस्सा, एवं तओ अविसुद्धाओ तओ विसुद्धाओ तओ अप्पसत्थाओ तओ पसत्थाओ तओ [दीपरत्नसागर संशोधितः] [135] [१५-पन्नवणा]
SR No.003729
Book TitleAgam 15 Pannavana Chauttham Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 15, & agam_pragyapana
File Size3 MB
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