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________________ ताररूवं अच्छिं पव्वं कुंडं पुमं दुद्धं दहिं नवणीयं आसणं सयणं भवणं विमाणं छत्तं चामरं भिंगारं अंगणं निरंगणं आभरणं रयणं जे यावण्णे तहप्पगारा सव्वं तं नपुंसगवऊ हंता गोयमा कंसं जाव रयणं जे यावण्णे तहप्पगारासव्वं तं नपुंसगवऊ, अह भंते पुढवीतिइत्थीवऊ आउत्ति पुमवऊ धण्णेत्ति नपुंसगवऊ पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा हंता गोयमा पुढवित्ति इत्थिऊ जाव नपुंसगवऊ पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, अह भते पुढवीति इत्थीआणमणी आउत्ति पुमआणमणी धण्णेत्ति नपुंसगाणमणी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, हंता गोयमा पुढविती इत्थि-आणमणी जाव नपुंसगाणमणी पन्नवणी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, अह भंते पुढवीति इत्थिपन्नवणी आउत्ति पुमपन्नवणी धण्णेत्ति नपुंसगपन्नवणी आराहणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा हंता गोयमा पुढवीति इत्थिपन्नवणी जाव नपुंसगपन्नवणी आराहणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, इच्चेवं भंते इत्थिवयणं वा पुमवयणं वा नपुंसगवयणं वा वयमाणे पन्नवणी णं एसा भासा न एसाभासा मोसा हंता गोयमा इत्थिवयणं वा जाव वयमाणे पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा | [३७९] भासा णं भंते किमादीया किंपहवा किंसठिया किंपज्जवसिया गोयमा भासा णं जीवादीया सरीरपहवा वज्जसंठिया लोगंतपज्जवसिया पन्नत्ता । [३८०] भासा कओय पभवति कतिहिं च समएहिं भासती भासं । भासा कतिप्पगारा कति वा भासा अनुमयाओ । [३८१] सरीरप्पभवा भासा दोहि य समएहिं भासती भासं । __ भासाचउप्पगारा दोण्णि य भासा अनुमयाओ । [३८२] कतिविहा णं भंते भासा पन्नत्ता गोयमा दुविहा० पज्जत्तिया य अपज्जत्तिया य, पज्जत्तिया णं भंते भासा कतिविहा पन्नत्ता गोयमा दुविहा० सच्चा य मोसा य, सच्चा णं भंते भासा पज्जत्तिया कतिविहा पन्नत्ता गोयमा दसविहा० जणवयसच्चा सम्मतसच्चा ठवणासच्चा नामसच्चा रूवसच्चा पडुच्चसच्चा ववहारसच्चा भावसच्चा जोगसच्चा ओवम्मासच्चा । [३८३] जणवय सम्मत ठवणा नामे रूवे पडुच्चसच्चे य । ववहार भाव जोगे दसमे ओवम्मसच्चे य । [३८४] मोसा णं भंते भासा पज्जत्तिया कतिविहा पन्नत्ता गोयमा दसविहा पन्नत्ता तं जहा- कोहनिस्सिया माननिस्सिया मायानिस्सिया लोभनिस्सिया पेज्जनिस्सिया दोसनिस्सिया हासनिस्सिया भयनिस्सिया अक्खयाइयानिस्सिया उवधायनिस्सिया । [३८५] कोहे माने माया लोभे पेज्जे तहेव दोसे य । हासभए अक्खाइय उवघाइयनिस्सिया दसमा । [३८६] अपज्जत्तिया णं भंते भासा कतिविहा पन्नत्ता गोयमा दुविहा० सच्चामोसा य असच्चामोसा य, सच्चामोसा णं भंते भासा अपज्जत्तिया कतिविहा पन्नत्ता गोयमा दसविहा० उप्पण्णपय-११ मिस्सिया विगयमिस्सिया उप्पण्णविगयमिस्सिया जीवमिस्सिया अजीवमिस्सिया जीवाजीवामिस्सिया अनंतमिस्सिया परित्तमिस्सिया अद्धामिस्सिया अद्धद्धामिस्सिया, असच्चमोसा णं भंते भासा अप्पज्जत्तिया कतिविहा पन्नत्ता गोयमा दुवालसविहा० । [३८७] आमंतणि आणमणी जायणि तह पुच्छणी य पन्नवणी । दीपरत्नसागर संशोधितः] [100] [१५-पन्नवणा]
SR No.003729
Book TitleAgam 15 Pannavana Chauttham Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 15, & agam_pragyapana
File Size3 MB
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