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________________ जा य पुमआणमणी जा य नपुंसगआणमणी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा हंता गोयमा जा य इत्थिआणमणी जाव नपुंसगआणमणी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, अह भंते जा य इत्थीपन्नवणी जा य पमपन्नवणी जा य नपुंसगपन्नवणी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, हंता गोयमा जा य इत्थिपन्नवणी जाव नपुंसगपन्नवणी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासामोसा, अह भंते जा जातदीति इत्थिवऊ जातीति पुमवऊ जातीति नपुंसगऊ पन्नवणी णं एसा भासान एसाभासा मोसा हंता गोयमा जातीति इत्थिवऊजाव नप सगवऊ पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, अह भंते जातीति इत्थिआणमणी जातीति पुमआणमणी जातीति नपुंसगाणमणी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, हंता गोयमा जातीति इत्थीआणमणी जाव नपुंसगाणमणी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, अह भंते जातीति इत्थिपन्जवणी जातीति पुमपन्नवणी जातीति नपुंसगपन्नवणी पन्नवणीणं एसा भासा मोसा, हंता गोयमा जातीति इत्थिपन्नवणी जाव नपुंसगपन्नवणी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा | [३७७] अह भंते मंदकुमारए वा मंदकुमारिया वा जाणइ बुयमाणे अहमेसे बुयामि अहमेसे बुयामीति गोयमा नो इणढे समढे नन्नत्थ सण्णिणो, अह भंतेमंदकुमारए वा मंदकुमारिया वा जाणति आहारमाहारेमाणे अहमेसे आहारमाहारेमि अहमेसेआहारमाहारेमि त्ति गोयमा नो इणढे समढे, नन्नत्थ सण्णिणो, अह भंते मंदकुमारए वा मंदकुमारिया वा जाणति अयं मे अम्मा-पियरो अयं मे अम्मा-पियरो त्ति गोयमा नो इणढे समढे नन्नत्थ सण्णिणो, अह भंते मंदकुमारए वा मंदकुमारिया वा जाणति अयं मे अतिराउले अयं मे अतिराउले त्ति गोयमा नो इणढे समढे नन्नत्थ सण्णिणो, अह भंते मंदकुमाराए वा मंदकुमारिया वा जाणति अयं मे भट्टिदारए अयं में भट्टिदारए त्ति गोयमा नो इणढे समढे नन्नत्थ सण्णिणो अह भंते उट्टे गोणे खरे घोडए अए एलए जाणति बुयमाणे अहमेसे बुयामि अहमेसे बुयामि त्ति गोयमा नो इणढे समढे नन्नत्थ सण्णिणो, अह भंते उट्टे जाव एलए जाणति आहारेमाणे अहमेसे आहारेमि अहमेसे आहारेमि त्ति गोयमा नो इणढे समढे नन्नत्थ सण्णिणो, अह भंते उट्टे एलए जाणति अयं मे अम्मा-पियरो अयं मे अम्मा-पियरो त्ति गोयमा नो इणढे समढे नन्नत्थ सण्णिणो, अह भंते उट्टे जाव एलए जाणति अयं मे अतिराउले अयं मे अतिराउले त्ति गोयमा नो इणढे समढे नन्नत्थ सण्णिणो, अह भंते उट्टे जाव एलए जाणति अयं मे भट्टिदारए अयं मे भट्टिदारए त्ति गोयमा नो इणद्वे नन्नत्थ सण्णिणो [३७८] अह भंते मणस्से महिसे आसो हत्थी सीहे वग्धे वगहे दीविए अच्छे तरच्छे परस्सरे सियाले विराले सुणए कोलसुणए कोक्कंतिए ससए चित्तए चिल्ललए जे यावण्णे तहप्पगारा सव्वा सा एगवऊ, हंता गोयमा मणुस्से जाव चिल्ललए जे यावण्णे तहप्पगारा सव्वा सा एगवऊ, अह भंते मणुस्सा जाव चिल्ललगा जे यावण्णे तहप्पगारा सव्वा सा बहुवऊ हंता गोयमा मणुस्सा जाव चिल्ललगा सव्वा सा बहुवऊ, अह भंते मणुस्सी महिसी वलवा हत्थिणिया सीही वग्घी वगी दीविया अच्छी तरच्छी परस्सरी पय-११ सियाली विराली सुणिया कोलसुणिया कोक्कंतिया ससिया चित्तिया चिल्ललिया जा यावण्णा तहप्पगारा सव्वा सा इत्थिऊ हंता गोयमा मणुस्सी जाव चिल्ललिया जा यावण्णा तहप्पगारा सव्वा सा इत्थिवऊ, अह भंते मणुस्से जाव चिल्ललए जे यावण्णे तहप्पगारा सव्वा सा पुमवऊ हंता गोयमा मणुस्से जाव चिल्ललए जे यावण्णे तहप्पगारा सव्व सा पुमवऊ, अह भंते कंसं कंसोयं परिमंडलं सेलं थूभं जालं थालं [दीपरत्नसागर संशोधितः] [99] [१५-पन्नवणा]
SR No.003729
Book TitleAgam 15 Pannavana Chauttham Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 15, & agam_pragyapana
File Size3 MB
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