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________________ वेमाणइए, नेरइया णं भंते भवचरिमेणं पुच्छा गोयमा चरिमा वि अचरिमा वि एवं निरंतरं जाव वेमाणिया, नेरइए णं भंते भासाचरिमेणं पुच्छा गोयमा सिय चरिमे सिय अचरिमे एवं निरंतरं जाव वेमाणिए, नेरइया णं भंते भासाचरिमेणं पुच्छा गोयमा चरिमा वि अचरिमा वि एवं एगिंदियवज्जा निरंतरं जाव वेमाणिया, नेरइए णं भंते आणापाणुचरिमेणं पुच्छा गोयमा सिय चरिमे सिय अचरिमे एवं निरंतरं जाव वेमाणइए, नेरइया णं भंते आणापाणुचरिमेणं पुच्छा गोयमा चरिमा वि अचरिमा वि एवं निरंतरं जाव वेमाणिया, नेरइए णं भंते आहारचरिमेणं पुच्छा गोयमा सिय चरिमे सिय अचरिमे एवं निरंतरं जाव वेमाणिए नेरइया णं भंते आहारचरिमेणं पुच्छा गोयमा चरिमा वि अचरिमा वि एवं निरंतरं जाव वेमाणिया, नेरइए णं भंते भावचरिमेणं पुच्छा गोयमा सिय चरिमे सिय अचरिमे एवं निरंतरं जाव वेमाणिए, नेरइया णं भंते भावचरिमेणं पुच्छा गोयमा चरिमा वि अचरिमा वि एवं निरंतरं जाव वेमाणिया, नेरइए णं भंते वण्णचरिमेणं पुच्छा गोयमा सिय चरिमे सिय अचरिमे एवं निरंतरं जाव वेमाणिए, रइया णं भंते वण्णचरिमेणं पुच्छा गोयमा चरिमा वि अचरिमा वि एवं निरंतरं जाव वेमाणिया, नेरइए णं भंते गंधचरिमेणं पुच्छा गोयमा सिय चरिमे सिय अचरिमे एवं निरंतरं जाव वेमाणिए, नेरइया णं भंते गंधचरिमेणं पुच्छा गोयमा चरिमा वि अचरिमा वि एवं निरंतरं जाव वेमाणिए, नेरइया णं भंते रसचरिमेणं पुच्छा गोयमा चरिमा वि अचरिमा वि एवं निरंतरं जाव वेमाणिया, नेरइए भंते फासचरिमेणं पुच्छा गोयमा सिय चरिमे सिय अचरिमे एवं निरंतरं जाव वेमाणिए, नेरइया णं भंते फासचरिमेणं पुच्छा गोयमा चरिमा वि अचरिमा वि एवं निरंतरं जाव वेमाणिया । [३७४] गति ठिती भवे य भासा आणपाणुचरिमे य बोधव्वे । आहार भावचरिमे वण्ण रस गंध फासे य । मुनि दीपरत्नसागरेण संसोधितः संपादितश्च दसमं पयं समत्तं [] एक्कारसमं भासा पयं [३७५] से नूणं भंते मण्णामीति ओहारिणी भासा, चिंतेमीति ओहारिणी भासा, अह मण्णामीति ओहारिणी भासा, अह चिंतेमीति ओहारिणी भासा, तह मण्णामीति ओहारिणी भासा, तह चिंतेमीति ओहारिणी भासा, हंता गोयमा मण्णामीति ओहारिणीभासा चिंतेमीति ओहारिणीभासा अहमण्णामीति ओहारिणीभासा अह चिंतेमीति ओहारिणीभासा तह मण्णामीति ओहारिणीभासा तह चिंतेमीति ओहारिणीभासा, ओहारिणी णं भंते भासा किं सच्चा मोसा सच्चामोसा असच्चामोसा गोयमा सिय सच्चा सिय मोसा सिय सच्चामोसा सिय असच्चामोसा से केणणं भंते एवं वच्चति ० गोयमा आराहण-विराणी असच्चामोसा नाम सा चउत्थी भासा, से एतेणट्ठेणं गोयमा एवं वुच्चइ- ओहारिणी णं भासा सिय सच्चा सिय मोसा सिय सच्चामोसा सिय असच्चामोसा | पय- ११ [३७६] अह भंते गाओ मिया पसू पक्खी पन्नवणी णं एसा भासा, न एसा भासा मोसा हंता गोयमा गाओ मिया पसू पक्खी पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा, अह भंते जाय इत्थिवऊ जा य पुमवऊ जा य नपुंसगवऊ पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा हंता गोयमा जा य इत्थिवऊ जाव नपुंसगवऊ पन्नवणी णं एसा भासा न एसा भासा मोसा अह भंते जा इ इत्थआणण [दीपरत्नसागर संशोधितः ] [98] [१५-पन्नवणा]
SR No.003729
Book TitleAgam 15 Pannavana Chauttham Uvvangsuttam Mulam PDF File Without Correction
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDipratnasagar, Deepratnasagar
PublisherDeepratnasagar
Publication Year2013
Total Pages202
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Agam 15, & agam_pragyapana
File Size3 MB
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