SearchBrowseAboutContactDonate
Page Preview
Page 60
Loading...
Download File
Download File
Page Text
________________ श. १२ : उ. ४ : सू. ७८ एसिए खंधे भवइ; अहवा एगयओ परमाणुपोग्गले; एगयओ दुपएसिए खंधे, एगयओ संखेज्जपए सिए खंधे भवइ; अहवा एगयओ परमाणुपोग्गले, एगयओ तिपएसिए खंधे, एगयओ संखेज्जपएसिए खंधे भवइ; एवं जाव अहवा एगयओ परमाणुपोग्गले, एगयओ दसपएसिए खंधे, एगयओ संखेज्जपएसिए खंधे भवइ; अहवा एगयओ परमाणुपोग्गले, एगयओ दो संखेज्जपएसिया खंधा भवंति; अहवा एगयओ दुपए सिए खंधे, एगयओ दो संखेज्जपएसिया खंधा भवंति एवं जाव अहवा एगयओ दसपएसिए खंधे, एगयओ दो संखेज्जपएसिया खंधा भवंति; अहवा तिण्णि संखेज्जपएसिया खंधा भवंति । चहा कज्जमाणे एगयओ तिण्णि परमाणुपोग्गला, एगयओ संखेज्जएसिए खंधे भवइ अहवा एगयओ दो परमाणुपोग्गला, एगयओ दुपए सिए खंधे, एगयओ संखेज्जपएसिए खंधे भवइ; अहवा एगयओ दो परमाणुपोग्गला, एगयओ तिप्पएसिए खंधे, एगयओ संखेज्जपएसिए खंधे भवइ; एवं जाव अहवा एगयओ दो परमाणुपोग्गला, एगयओ दसपएसिए खंधे, एगयओ संखेज्जपएसिए खंधे भवइ, अहवा एगयओ दो परमाणुपोग्गला, एगयओ दो संखेज्जपएसिया खंधा भवंति अहवा एगयओ परमाणुपोग्गले, एगयओ दुपए सिए खंधे, एगयओ दो संखेज्जपएसिया खंधा भवंति जाव अहवा एगयओ परमाणुपोग्गले एगयओ दसपएसिए खंधे, एगयओ दो संखेज्जपएसिया खंधा भवंति अहवा एगयओ परमाणुपोग्गले, एगयओ तिण्णि संखेज्जपएसिया खंधा भवंति; अहवा एगयओ दुपएसिए खंधे, एगयओ तिण्णि संखेज्जपएसिया खंधा भवंति जाव अहवा एगयओ दसपएसिए खंधे, एगयओ तिणि संखेज्जपएसिया खंधा भवंति अहवा चत्तारि संखेज्ज Jain Education International ३८ स्कन्धः भवति, अथवा एकतः परमाणुपुद्गलः एकतः द्विप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः संख्येयप्रदेशिकः स्कन्धः भवति, अथवा एकतः परमाणुपुद्गलः, एकतः त्रिप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः संख्येयप्रदेशिकः स्कन्धः भवति, एवं यावत् अथवा एकतः परमाणुपुद्गलः, एकतः दशप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः संख्येयप्रदेशिकः स्कन्धः भवति, अथवा एकतः परमाणुपुद्गलः, एकतः द्वौ संख्येयप्रदेशिको स्कन्धौ भवतः, अथवा एकतः द्विप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः द्वौ संख्येयप्रदेशिको स्कन्धौ भवतः, एवं यावत् अथवा एकतः दशप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः द्वौ संख्येयप्रदेशिको स्कन्धौ भवतः, अथवा त्रयः संख्येयप्रदेशिकाः स्कन्धाः भवन्ति । चतुर्धा क्रियमाणः एकतः त्रयः परमाणुपुद्गलाः, एकतः संख्येयप्रदेशिकः स्कन्धः भवति अथवा एकतः द्वौ परमाणुपुद्गलौ, एकतः द्विप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः संख्येयप्रदेशिकः स्कन्धः भवति, अथवा एकतः द्वौ परमाणुपुद्गलौ, एकतः त्रिप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः संख्येयप्रदेशिकः स्कन्धः भवति, एवं यावत् अथवा एकतः द्वौ परमाणुपुद्गलौ, एकतः दशप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः संख्येयप्रदेशिकः स्कन्धः भवति, अथवा एकतः द्वौ परमाणुपुद्गलौ, एकतः द्वौ संख्येयप्रदेशिको स्कन्धौ भवतः, अथवा एकतः परमाणुपुद्गलः, एकतः द्विप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः द्वौ संख्येयप्रदेशिको स्कन्धौ भवतः यावत् अथवा एकतः परमाणुपुद्गलः एकतः दशप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः द्वौ संख्येयप्रदेशिको स्कन्धौ भवतः, अथवा एकतः परमाणुपुद्गलः, एकतः त्रयः संख्येयप्रदेशिकाः स्कन्धाः भवन्ति, अथवा एकतः द्विप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः त्रयः संख्येयप्रदेशिकाः स्कन्धाः भवन्ति, यावत् अथवा एकतः दशप्रदेशिकः स्कन्धः, एकतः त्रयः संख्येयप्रदेशिकाः स्कन्धाः भवन्ति, अथवा चत्वारः संख्येयप्रदेशिकाः स्कन्धाः भवन्ति । For Private & Personal Use Only भगवई संख्येयप्रदेशी स्कंध होता है अथवा एक ओर एक स्वतंत्र परमाणु- पुद्गल, दूसरी ओर द्विप्रदेशी स्कंध, तीसरी ओर संख्येय प्रदेशी स्कंध होता है अथवा एक ओर एक स्वतंत्र परमाणु-पुद्गल, दूसरी ओर त्रिप्रदेशी स्कंध, तीसरी ओर संख्येय प्रदेशी स्कंध होता है। इसी प्रकार यावत् अथवा एक ओर एक स्वतंत्र परमाणु- पुद्गल, दूसरी ओर दस प्रदेशी स्कंध, तीसरी ओर संख्येय प्रदेशी स्कंध होता है अथवा एक ओर एक स्वतंत्र परमाणु- पुद्गल, दूसरी ओर दो संख्येय प्रदेशी स्कंध होते हैं अथवा एक ओर द्विप्रदेशी स्कंध, दूसरी ओर दो संख्येय प्रदेशी स्कंध होते हैं। इसी प्रकार यावत् अथवा एक ओर दस प्रदेशी स्कंध, दूसरी ओर दो संख्येय प्रदेशी स्कंध होते हैं अथवा तीन संख्येय प्रदेशी स्कंध होते हैं। चार भागों में विभक्त होने पर एक ओर तीन स्वतंत्र परमाणु- पुद्गल, दूसरी ओर संख्येय प्रदेशी स्कंध होता है अथवा एक ओर दो स्वतंत्र परमाणु-पुद्गल, दूसरी ओर द्विप्रदेशी स्कंध, तीसरी ओर संख्येय प्रदेशी स्कंध होता है अथवा एक ओर दो स्वतंत्र परमाणु - पुद्गल, दूसरी ओर त्रिप्रदेशी स्कंध, तीसरी ओर संख्येय प्रदेशी स्कंध होता है। इसी प्रकार यावत् अथवा एक ओर दो स्वतंत्र परमाणु- पुद्गल, दूसरी ओर दस प्रदेशी स्कंध, तीसरी ओर संख्येय प्रदेशी स्कंध होता है अथवा एक ओर दो स्वतंत्र परमाणु- पुद्गल, दूसरी ओर दो संख्यय प्रदेशी स्कंध होते हैं अथवा एक ओर एक स्वतंत्र परमाणु- पुद्गल, दूसरी ओर द्विप्रदेशी स्कंध, तीसरी ओर दो संख्येय प्रदेशी स्कंध होते हैं, यावत् अथवा एक ओर एक स्वतंत्र परमाणु- पुद्गल, दूसरी ओर दस प्रदेशी स्कंध, तीसरी ओर दो संख्येय प्रदेशी स्कंध होते हैं अथवा एक ओर स्वतंत्र परमाणु- पुद्गल, दूसरी ओर कदाचित् तीन संख्येय प्रदेशी स्कंध होते हैं अथवा एक ओर द्विप्रदेशी स्कंध, दूसरी ओर तीन संख्येय प्रदेशी स्कंध होते हैं अथवा चार संख्येय प्रदेशी स्कंध होते हैं। www.jainelibrary.org
SR No.003596
Book TitleAgam 05 Ang 05 Bhagvati Vyakhya Prajnapti Sutra Part 04 Bhagvai Terapanth
Original Sutra AuthorN/A
AuthorTulsi Acharya, Mahapragna Acharya
PublisherJain Vishva Bharati
Publication Year2007
Total Pages514
LanguagePrakrit
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, & agam_bhagwati
File Size14 MB
Copyright © Jain Education International. All rights reserved. | Privacy Policy