________________ पंचम प्राभूत] [49 . एगे पुण एवमाहंसु 10. ता लोगनामिसि गं पब्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया आहिय ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु-- 11. ता अच्छसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिया आयि त्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु 12. ता सूरियावत्तंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया आहिय त्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु 13. ता सूरियावरणंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया आहिय ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु१४. ता उत्तमंसि णं पब्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया आहिय त्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमासु 15. ता दिसादिसि णं पठनयंति सूरियस्स लेस्सा पडिहया आहिय त्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु१६. ता अवयंसंसि णं पब्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया आहिय त्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु-- 17. ता धरणिषीलंसि गं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय ति वएज्जा, एगे एक्माहंतु, एगे पुण एवमाहंसु 18. ता धरणिसिगंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया आहिय ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु१९. ता पम्वइंदंसि णं पब्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया आहिय त्ति वएज्जा, एगेएवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु 20. ता पव्वयरायसि णं पव्वयंसि सूरियस लेस्सा पडिया आहिय ति वएज्जा, एगे एवमासु, Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org