________________ [सूर्यप्रनप्तिसूत्र (ख) तोसे णं सम्बबाहिरिया बाहा = लवणसमुदंतेणं, चउणउई गोयणसहस्साई, अटु य अटुसळे जोयणसए, चत्तारि य दसभागे जोयणस्स परिक्खवेणं, आहिए त्ति वएज्जा।' प.ता से णं परिक्खेव विसेसे को ? पाहिए ति वएज्जा। उ.--ता जे णं जंबुद्दीव-दीवस्स परिवखेथे तं परिक्सवं तिहिं गुणित्ता, दसहि छेत्ता, वसहि भागे होरमाणे = एस गं परिक्खेव-विसेसे, आहिए ति वएज्जा / ' तावखेत्तस्स अंधकारखेत्तस्स य आयामाईणं परवणं प.-ता तोसे णं तावक्खेत्ते केवइयं आयामेणं ? आहिए ति वएज्जा। उ.-ता अट्टतरि जोयणसहस्साई, तिणि य तेतीसे जोयणसए जोयणतिभागे च आयामेणं, आहिए ति बएज्जा। प.-- तया णं किंसंठिया अंधकारसंठिई ? प्राहिय ति वएज्जा। उ.- उद्धीमुह-कलंबुआपुप्फसंठिया तहेव जाव बाहिरिया चेव बाहा। तोसे णं सम्वन्भतरिया बाहा मंदरपब्वयंतेणं छज्जोयणसहस्साई तिणि य बउवीसे जोधणसए छसच सभागे जोयणस्स परिक्खेवेणं, आहिय त्ति वएज्जा। प.--ता तीसे गं परिक्खेवविसेसे ? आहिए त्ति वएज्जा / उ.-ताजे णं मंदरस्स पब्वयस्स परिक्खेवे गं तं परिक्खेवं दोहिं गुणेत्ता, इसहि छित्ता वसहि भागे हीरमाणे, एस णं परिक्खेव-विसेसे, आहिए ति वएज्जा। तीसे गं सम्बबाहिरिया बाहा लवणसमुदं तेणं तेवट्टि जोयणसहस्साई वोणि य पणयाले नोयसए छच्च दस मागे जोयणस्स परिक्खेवेणं, आहिए ति वएज्जा / प.--ता से गं परिक्खेवविसेसे कओ? आहिए ति वएज्जा। उ.-ता जे गं जंबद्दीवस्स दीवस्स परिक्खेवे, तं परिक्खेवं दोहिं गुणेत्ता वसहि छेत्ता दसहि भागेहि हीरमाणे एस गं परिक्खेवविसेसे, आहिए ति वएज्जा। प.–ता से गं अंधकारे केवइयं आयामेणं ? आहिए ति वएज्जा। उ.--ता अटुरि जोयणसहस्साई तिणि य तेत्तीसे जोयणसए जोयणतिभागं च आयामेणं, माहिए ति वएज्जा। तया णं उत्तमकटुपत्ते उक्कोसेणं अट्ठारसमुहुत्ते दिवसे भवति / रु की परिधि 31,6,23 योजन की है, इसे तीन से गुणा करने पर 94,8,79 योजन हुए, इन के दश का भाग देने पर 9,8,861 लब्ध होते हैं---यह सर्व आभ्यन्तर बाहा की परिधि है। जंबूद्वीप की परिधि 3,16,2,27 योजन तीन कोस 28 धनुष 13 अंगुल तथा प्राधे अंगुल से कुछ माधिक है। इसमें दश का भाग देने पर 94, 8, 68 योजन और एक योजन के दस भागों में से चार भाग जितनी सर्वबाह्य वाहा की परिधि विशेष है। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org