________________ द्वितीय प्राभूत [प्रथम प्राभृतप्राभृत] सूराणं तेरिच्छगई 21. ता कहं ते तेरिच्छगई आहिए ? ति वएज्जा। तत्थ खलु इमाओ अट्ठ पडिवत्तीओ पण्णत्ताओ, तं जहातत्थेगे एवमाहंसु 1. ता पुरथिमाओ लोयंताओ पाओ मरीची आगासंसि उठेह, से णं इमं लोयं तिरियं करेइ, करिता पच्चत्थिमंसि लोयंतंसि सायंमि आगासंसि विद्धंसइ एगे एवमाहंसु / एगे पुण एवमासु 2. ता पुरथिमाओ लोयंताओ पाओ सरिए आगासंसि उठेइ, से णं इमं लोयं तिरियं करेइ, करित्ता पच्चत्थिमंसि लोयंससि सायं सरिए आगासंसि विद्धंसइ एगे एवमासु / एगे पुण एवमाहंसु 3. ता पुरथिमाओ लोयंताओ पाओ सूरिए आगासंसि उठेइ, से णं इमं लोयं तिरियं करेइ, करित्ता पच्चत्थिमंसि लोयतंसि सायं सूरिए आगासं अणुपविसइ, अणुपविसित्ता अहे पडियागच्छइ पडियागच्छित्ता पुणरवि अवरभू-पुरथिमाओ लोयंताओ पापो सूरिए आगासंसि उठेइ एगे एवमाहंसु / एगे पुण एवमाहंसु 4. ता पुरथिमाओ लोयंताओ पाओ सरिए पुढविप्रो उठेइ, से णं इमं लोयं तिरियं करेइ, करित्ता पच्चस्थिमंसि लोयंतसि सायं सूरिए पुढविकायंसि विद्धंसइ, एगे एवमाहंसु / एगे पुण एवमाहंसु 5. ता पुरथिमाओ लोयंताओ पाओ सरिए पुढवीओ उठेइ, से णं इमं लोयं तिरियं करेइ, करित्ता पच्चत्थिमंसि लोयंतसि सायं सूरिए पुढविकायं अणुपविसइ अणुपविसित्ता अहे पडियागच्छइ पडियागच्छित्ता पुणरवि अवरभू-पुरत्थिमाओ लोयंताओ पाओ सरिए पुढवीओ उठेइ एगे एवमाहंसु / एगे पुण एवमाहंसु 6. ता पुरथिमाओ लोयंतानो पाओ सरिए पाउकासि उठेइ, से णं इमं लोयं तिरियं करेइ, करित्ता पच्चस्थिमंसि लोयंतसि सायं सरिए आउकासि विद्धसइ एगे एवमाहंसु / Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org