________________ संगहणीगाहाओ 1. इंगालए, 2. वियालए, 3. लोहियक्खे, 4. सणिच्छरे चेव / 5. आहुणिए, 6. पाहुणिए, 7-11. कणगसनामा उ पंचेव // 2. 12. सोमे, 13. सहिए, 14. आसासणे य, 15. कज्जोवए य, 16. कम्बडए। 17. अयकरए, 18. दुदुहए, 19-21. संखसनामाओ तिन्नेव // 3. 22-24. तिन्नेन कंसनामा, 25-26. णीला, 27-28. रुप्पी य होति चत्तारि / 29-30. भास, 31-32. तिलपुष्फवण्णे, 33-34. दग-पणवण्णे य, 35. काय, 36. काकंधे // 4. 37. इंदग्गि, 38. धूमकेऊ, 36. हरि, 40 पिंगलए, 41. बुहे य, 42. सुक्के य। 43. बहस्सई,४४. राह, 45 अगत्थी, 46. माणवए, ४७कास, 48. फासे य।। 5. 46 धूरे, 50. पमुहे, 51. वियडे, 52. विसंधि, 53. णियले, 54. तहा पयल्ले य / 55. जडियाइलए, 56. अरुणे, 57 अग्गिल्ल, 58. काले, 59 महाकाले य // 6. 60. सोस्थिय, 51. सोबत्थिय, 62. बद्धमाणगे, 63. तहा पलंबे य / 64. णिच्चालोए, 65. णिच्चुज्जोए, 66 सयंपभे, 67. चेव ओभासे / / 7. 68. सेयंकर, 69. खेमंकर, 70. आभंकर, 71. पभंकरे व बोद्धब्वे / 72. अरए, 73. विरए य तहा, 74. असोगे, 74. वीयसोगे य / 8. 76. बिमल, 77. वितत्त, 78. वितथे, 79. विसाल, 80. तह साल, 81. सुब्बए चेव / 82. अनियट्टी, 83. एगजडी य, 84. होइ बिजडी य बोद्धन्धे // 9. 85. करकरए, 86. रायग्गल, 87. बोद्धध्वे पुप्फ, 88. भावकेऊ य / अट्ठासीई गहा खलु यन्वा प्राणुपुम्बीए / Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org