________________ 188] [सूत्रप्रज्ञप्तिसूत्र 2 उ. बावरि सूरिया तवेंसु वा, तवेंति का, तविस्संति वा। 3 उ. छ महग्गहसहस्सा तिन्नि सए य छत्तीसा चारं चरेंसु वा, चरंति वा, चरिस्संति वा / 4 उ. दोण्णि सोला णक्खत्तसहस्सा जोगं जोएंसु वा, जोएंति वा, जोइस्संति वा / 5 उ. अडयालीसं सयसहस्सा, बावीसं च सहस्सा दोणि य सया तारागणकोडिकोडीणं सोभं सोभेसु वा सोभंति वा सोभिस्संति वा / गाहाओबावरि च चंदा बावत्तरिमेव दिणकरादित्ता। पुक्खरवरदीवड्ड, चरंति एए पभासेंता।। तिणि सया छत्तोसा, छच्च सहस्सा महग्गहाणं तु / णक्खत्ताणं तु भवे, सोलाई दुवे सहस्साई / अडयालसयसहस्सा, बावीसं खलु भवे सहस्साई / दो य सय पुक्खरद्धे, तारागणकोडिकोडीणं // समयक्खेत्ते प. ता समयक्खेत्ते णं केवइयं आयाम-विक्खंभेणं केवइयं परिक्खेवेणं ? आहिए त्ति वएज्जा। उ. ता पणयालीसं जोयणसयसहस्साई आयाम-विक्खंभेणंएगा जोयणकोडो, बायालीसं च सयसहस्साई दोषिण य अडणापण्णे जोयणसए परिक्खेवेणंआहिए त्ति वएज्जा, गाहापणयाल सय सहस्सा, समयखेत्तस्स विक्खंभो।' कोडी बायालीसं, सहस्स दुसया य अउणपण्णासा। समयखेत्तस्स परिरओ, एमेव य पुक्खरद्धस्स // 15. ता समयक्खेत्ते णं केवइया चंदा पभासेंसु वा, पभासंति वा, पभासिस्संति वा ? 2 प. केवइया सूरा तवेंसु वा, तवंति वा, तविस्संति वा ? 3 प. केवइया गहा चारं चरिंसु वा, चरंति वा, चरिस्संति वा ? 4 प. केवइया णक्खत्ता जोगं जोइंसु वा, जोइंति वा, जोइस्संति वा ? 5 प. केवइया तारागणकोडिकोडीओ सोभं सो सु वा सोभंति वा, सोभिस्संति वा ? 1. ये गाथा के उत्तरार्ध के दो पद हैं। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org