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________________ 186] [सूर्यप्रज्ञप्तिसूत्र अट्ठावीसं सयसहस्स, बारस य सहस्साई / णबयसया पण्णासा, तारागण कोडिकोडीणं // पुक्खरवरदीवे ता कालोयं णं समुदं पुक्खरवरे णाम दोवे बट्टे वलयाकारसंठाणसंठिए सबओ समंता संपरिक्खित्ता गं चिट्टइ। प. ता पुक्खरे णं दोवे कि समचक्कवालसंठिए विसमचक्कवालसंठिए ? उ. ता पुक्खरवरे णं दीवे सनचक्कवालसंठिए नो विसमचक्वालसंठिए / प. ता युक्खरवरे णं दोवे केवइयं समचक्कवालविवखंभेणं ? केवडयं परिक्खेवेणं? उ. ता सोलस जोयणसयसहस्साई चक्कवालविक्खंभेणं / एगा जोयणकोडी बाणउइं च सयसहस्साइं अउणावन च सहस्साई अट्ट चउणउए जोयणसए परिक्खेवेणं, पाहिए।त्ति वएज्जा / गाहा कोडी बाणउई खलु, अउणाणउई भवे सहस्साई / अट्ठसया च उणउया, परिरओ पोक्खरवरस्स // 1 प. ता पुक्खरवरे णं दोवे केवइया चंदा पभासेंसु वा, पभासिति वा, पभासिस्संति वा ? 25. केवइया सूरा विसु वा, तति वा, तविस्संति वा ? 3 प. केवइया गहा चारं चरिसुवा, चरंति वा, चरिस्संति वा ? 4 प. केवइया णक्खत्ताःजोगं जोइंसु वा, जोएंति वा, जोइस्संति वा ? 55. केवइया तारागण कोडिकोडीयो सोभं सोभेसु वा, सोभंति वा, सोभिस्संति वा? 1 उ. ता चोयालं चंदसयं पभासेंसु वा, पभासिति वा, पभासिस्संति वा / 2 उ. चोयालं सूरियाणं सयं तविसु वा, तति वा, तविस्संति वा / 3 उ. बारस सहस्साई छच्च बावत्तरा महागहसया चारं चरिसुवा, चरंति वा, चरिस्संति वा। 4 उ. चत्तारि सहस्साई बत्तीसं च णक्खत्ता जोगं जोएंसु वा, जोएंति वा, जोइस्संति वा।। 5 उ. छण्णउइसयसहसाई चोयालीसं सहसाइं चत्तारि य सयाई तारागणकोडिकोडीणं सोभं सो सु वा, सोभ॑ति वा, सोभिस्संति वा। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003484
Book TitleAgam 16 17 Suryaprajnapti Chandraprajnapti Sutra - Swe Mu Pu Agam 16 17
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages300
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size7 MB
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