________________ 184] सूर्यप्रज्ञप्तिसूत्र प. पायईसंडे णं दोवे केवइयं चक्कवालविक्खंभेणं केवइयं परिक्खेवेणं ? आहिए त्ति वएज्जा। उ. ता चत्तारि जोयणसयसहस्साई चक्कवालविक्खंभेणं, ईयालोसं जोयणसयसहस्साई दस य सहस्साई णव य एगट्टे जोयणसए किचि विसेसूर्ण परिक्खेवेणं, आहिए ति वएज्जा गाहाधायइसंड परिरओ, ईयाल दसूत्तरा सयसहस्सा। णव य सया एगट्ठा, किंचि विसेसेण परिहीणा // 15. घायईसंडे दीवे केवइया चंदा पभासेंसु वा, पभासिति वा, पभासिस्संति वा? 25. केवइया सूरिया तवेंसु वा, तविति वा, तविसिस्संति वा? 3 प. केवइया गहा चारं चरिसुवा, चरंति वा चरिस्संति वा? 4 प. केवइया णक्खत्ता जोगं जोइंसु वा, जोएंति वा, जोइस्संति का? 5 प. केवइया तारागणकोडाकोडीओ, सोभं सोभेसु वा, सोभंति वा, सोभिस्संति वा ? 1 उ. बारस चंदा पभासेंसु वा, पभासंति वा, पभासिस्संति बा। 2 उ. बारस सूरिया तवेंसु वा, तविति वा, तविसिस्संति वा। 3 उ. एगं छप्पण्णं महग्गहसहस्सं चारं चरिंसु वा, चरंति वा, चरिस्संति वा। 4 उ. तिणि छत्तीसा णक्खत्तसया जोगं जोएंसु था, जोएंति वा, जोइस्संति वा / 5 उ. गाहाओ अठेव सय सहस्सा, तिणि सहस्साई सत्त य सयाई। एगससीपरिवारो, तारागणकोडिकोडोणं // चवीसं ससि-रविणो, णक्खत्तसया य तिषिण छत्तीसा / एगं च गहसहस्सं, छप्पणं धायईसंडे // अद्वैव सयसहस्सा, तिण्णि सहस्साई सत्त य सयाई। धायइसंडे.दोवे, तारागण कोडिकोडोणं // कालोए समुद्दे ता धायईसंडं णं दीवं कालोए णामं समुद्दे वट्ट वलयाकारसंठाणसंठिए सम्वओ समंता संपरिक्खित्ताणं चिट्ठ। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org