________________ [बावीसवाँ प्राभृतप्राभूत णक्खत्ताणं सरुवपरूवणं६०. प. ता कहं ते णक्खत्तविजए ? आहिए त्ति वएज्जा ? उ. ता अयण्णं जंबुद्दीवे दीवे सव्वदीवसमुद्दाणं सम्बन्भंतराए सव्वखुड्डाए जाव एगं जोयणसयसहस्सं आयाम-विक्खंभेणं, तिणि जोयणसयसहस्साई, सोलससहस्साई, दोण्णि य सत्ताधीसे जोयणसए तिण्णि य कोसे, अट्ठावीसं च धणुसयं, तेरस अंगुलाई, अद्धंगुलं च किंचि विसेसाहियं परिक्खेवेणं पण्णत्ते। क. ता जंबुद्दीवे णं दीवे दो चंदा 1. पभासेंसु वा, 2. पभासेंति वा, 3. पभासिस्संति वा, ख. दो सूरिया 1. तविसु वा, 2. तवेंति वा, 3. तविस्संति वा, ग. छप्पण्णं णक्खत्ता जोयं 1. जोएंसु वा, 2. जोएंति वा, 3. जोइस्संति वा, तंजहा-1 1. दो अभीई, 2. दो सवणा, 3. दो धणिट्टा, 4. सतभिसया, 5. दो पुवापोटुवया, 6. दो उत्तरापोटुवया, 7. दो रेवई, 8. दो अस्सिणी, 6. दो भरणी, 10. दो कत्तिया, 11. दो रोहिणी, 12. दो संठाणा, 13. वो अद्दा, 14. दो पुणव्वसू, 15. दो पुस्सा, 16. दो अस्सेसाओ, 17. दो महाओ, 18. दो पुग्वाफग्गुणी, 19. दो उत्तराफग्गुणी, 20. दो हत्था, 21. दो चित्ता, 22. दो साई, 23. दो विसाहा, 24. दो अणुराधा, 25. दो जेट्ठा, 26. दो मूला, 27. दो पुव्वासाढा, 28. दो उत्तरासाढा। ता एएसिणं छप्पण्णाए णक्खत्ताणं--- क. अस्थि णक्खत्ता जे णं णव मुहुत्ते सत्तावीसं च सत्तदिमागे मुहत्तस्स चंदेण सद्धि जोयं जोएंति, ख. अस्थि णक्खत्ता जे णं पण्णरस मुहुत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति, ग. अत्थि णक्खत्ता जे गं तीसं मुहत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति, घ. अस्थि णक्खत्ता जे णं पणयालोसं मुहुत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति, प. क. ता एएसि छप्पण्णाए णक्खत्ताणं कयरे णक्खत्ता जे णं णवमुहुत्ते सत्तावीसं च सत्तविभागे मुहत्तस्स चंदेण सद्धि जोयं जोएंति? Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org