________________ दशम प्राभूत-चतुर्थ प्राभृतप्राभृत] एवं खलु साई णक्खत्ते एगं राई चंदेण सद्धि जोयं जोएइ, जोयं जोइता जोयं अणुपरियट्टइ, जोयं अणुपरियट्टित्ता पाओ चंदं विसाहाणं, समप्पेइ / 22. ता विसाहा खलु णक्खत्ते उभयभागे दिवड्डखेत्ते पणयालीस-मुहुत्ते तप्पढमयाए पाओ चंदेण सद्धि जोयं जोएइ-अवरं च राइं तओ पच्छा अवरं दिवस, एवं खलु विसाहा णक्खत्ते दो दिवसे एगं च राई चंदेण सद्धि जोयं जोएइ, जोयं जोइत्ता जोयं अणुपरियट्टाइ जोयं अणुपरियट्टित्ता सायं चंदं अणुराहाए समप्पेइ। 23. ता अणुराहा खलु णक्खत्ते पच्छंभागं समक्खेत्ते तीसइ-मुहत्ते तप्पढमयाए सायं चंदेण सद्धि जोयं जोएइ, तओ पच्छाराई अवरं च दिवस, एवं खलु अणुराहा णक्खत्ते एग राई एगं च दिवसं चंदेण सद्धि जोयं जोएइ, जोयं जोइत्ता जोयं अणपरियट्टइ, जोयं अणुपरियट्टित्ता सायं चंदं जिट्ठाए समप्पेइ / 24. ता जेट्ठा खलु णक्खत्ते नत्तंभागे अवडखेत्ते पण्णरस-मुहुत्ते तप्पढमयाए सायं चंदेण सद्धि जोयं जोएइ, नो लभइ अवरं दिवसं, एवं खलु जिट्ठा णक्खत्ते एग दिवसं चंदेण सद्धि जोयं जोएइ, जोयं जोइत्ता जोयं अणुपरियट्टइ, जोयं अणुपरियट्टित्ता पापो चंदं मूलस्स समप्पेइ / 25. ता मूले खलु णक्खत्ते पुव्वंभागे समक्खेत्ते तीसइ-मुहुत्ते तप्पढमयाए पाओ चंदेण सद्धि जोयं जोएइ, तओ पच्छा अवरं च राई, एवं खलु मूलं णक्खत्तं एगं च दिवसं च राई च चंदेण सद्धि जोयं जोएइ, जोयं जोइत्ता जोयं अणुपरियट्टइ, जोयं अणुपरियट्टित्ता पाओ चंदं पुब्बासाढाणं समप्पेइ / 26. ता पुन्वासाढा खलु णक्खत्ते पुव्वं भागे समक्खेत्ते तीसइ-मुहुत्ते तप्पढमयाए पाओ चंदेण सद्धि जोयं जोएइ तओ पच्छा अवरं च राई, एवं खलु पुश्वासाढा णक्खत्ते एगं च दिवसं एगं च राई चंदेण सद्धि जोयं जोएइ, जोयं जोइत्ता जोयं अणुपरियट्टइ, जोयं अणुपरियट्टित्ता पाओ चंदं उत्तरासाढाणं समप्पेइ / Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org