________________ दशम प्राभूत [द्वितीय प्राभृतप्राभूत णक्खत्ताणं चंदेण जोगकालो 33. प. ता कहं ते मुहत्तग्गे आहिए? ति वएज्जा, उ. ता एएसि णं अट्ठावीसाए गक्खत्ताणं, [क] अस्थि णक्खत्ते जे णं णव मुहुत्ते सत्तावीसं च सत्तद्विभाए मुहत्तस्स चंदेण सद्धि जोयं जोएइ। [ख] अस्थि णक्खत्ता जे गं पण्णरस मुहत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति / [ग] अस्थि णक्खत्ता जे णं तीसं मुहत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति।। [घ] अस्थि शक्खत्ता जे णं पणयालीसे मुहत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति / [क] प: ता एएसि णं अट्ठावीसाए णक्खत्ताणं कयरे णक्खत्ते जे णं णव मुहुत्ते सत्तावीसं च सत्तट्ठिभाए मुहत्तस्स चंदेण सद्धि जोयं जाएंति ? [ख] कयरे गवखत्ता जे णं पण्णरस मुहत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति ? [ग] कयरे णक्खत्ता जे णं तीसं मुहुत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति ? [घ] कयरे णक्खत्ता जे णं पणयालोसं मुहुत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति ? [क] उ. ता एएसि णं अट्ठावीसाए णक्खत्ताणं, तत्थ जे ते णक्खत्ते, जे णं णव मुहुत्ते, सत्तावोसं च सत्तट्ठिभाए मुहुत्तस्स चंदेण सद्धि जोयं जोएंति, से णं एगे, अभीयो / ' [ख] ता एएसि णं अट्ठावीसाए णक्खत्ता णं, तत्य जे ते णक्खत्ता, जे णं पण्णरस मुहुत्ते चंदेण सद्धि जोयं जोएंति, ते णं छ, तं जहा-- 1. सतभिसया, 2. भरणी, 3. अद्दा, 4. अस्सेसा, 5. साति, 6. जेट्ठा / [ग] ता एएसि णं णट्ठावीसाए णक्खत्ताणं, तत्थ जे ते णक्खत्ता, जे णं तीसं मुहत्तं चंदेण सद्धि जोयं जोएंति, ते णं पण्णरस तं जहा१. सवणो, 2. धणिट्ठा, 3. पुव्वाभद्दवया, 4. रेवई, 5. अस्सिणी, 6. कत्तिया, 7. मग्गसिरा, 8. पुस्सो, 9. महा, 10. पुव्वाफग्गुणो, 11. हत्थो, 12. चित्ता, 13. अणुराहा, 14. भूलो, 15. पुव्वासाढा। [ध] ता एएसि णं अट्ठावीसाए, णक्खत्ताणं, 1. अभिजिणक्खत्ते साइरेगे णव मुहुत्ते चंदेण सद्धि जोगं जोएइ सम. 9 सु. 5 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org