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________________ 32 ] [प्रज्ञापनासूत्र चरम, चरमान्तप्रदेश और अचरमान्तप्रदेश में से द्रव्य की अपेक्षा से, प्रदेशों की अपेक्षा से और द्रव्यप्रदेश इन दोनों की अपेक्षा से कौन किनसे अल्प, बहुत, तुल्य अथवा विशेषाधिक है ? [802 उ.] गौतम ! द्रव्य की अपेक्षा से--संख्यातप्रदेशी संख्यातप्रदेशावगाढ़ परिमण्डलसंस्थान का एक अचरम सबसे अल्प है। (उसकी अपेक्षा) अनेक चरम संख्यातगुणे अधिक हैं, अचरम और बहुवचनान्त चरम, ये दोनों (मिलकर) विशेषाधिक हैं। प्रदेशों की अपेक्षा से संख्यातप्रदेशी संख्यातप्रदेशावगाढ़ परिमण्डलसंस्थान के चरमान्तप्रदेश सबसे थोड़े हैं, (उनकी अपेक्षा) अचरमान्तप्रदेश संख्यातगुणे अधिक हैं, उनसे चरमान्तप्रदेश और अचरमान्तप्रदेश दोनों (मिलकर) विशेषाधिक हैं। द्रव्य और प्रदेशों की अपेक्षा से—संख्यातप्रदेशी-संख्यातप्रदेशावगाढ़ परिमण्डलसंस्थान का एक अचरम सबसे अल्प है, (उसकी अपेक्षा) अनेक चरम संख्यातगुणे हैं, (उनसे) एक अचरम और अनेक चरम, ये दोनों (मिलकर) विशेषाधिक हैं, (उनकी अपेक्षा) चरमान्तप्रदेश संख्यातगुणे हैं, (उनसे) अचरमान्तप्रदेश संख्यातगुणे हैं, (उनसे) चरमान्तप्रदेश और अचरमान्तप्रदेश ये दोनों (मिलकर) विशेषाधिक हैं। ___ इसी प्रकार की योजना वृत्त, त्यस्र, चतुरस्र और पायत संस्थान के (चरमादि के अल्पबहुत्व के) विषय में कर लेनी चाहिए। 803. परिमंडलस्स णं भंते ! संठाणस्स प्रसंखेज्जपएसियस्स संखेज्जपएसोगाढस्स अचरिमस्स य चरिमाण य चरिमंतपएसाण य प्रचारमंतपएसाण य दवट्ठयाए पएसट्टयाए दवट्ठपएसट्टयाए कतरे कतरेहितो अप्पा वा 4? गोयमा ! सम्वत्थोवे परिमंडलस्स संठाणस्स असंखेज्जपएसियस्स संखेज्जपएसोगाढस्स दब्वट्ठयाए एगे प्रचरिमे 1 चरिमाइं संखेज्जगुणाई 2 अचरिमं च चरिमाणि य दो वि विसेसाहियाई 3 / पदेसट्टयाए सम्वत्योवा परिमंडलस्स संठाणस्स असंखेज्जपएसियस्स संखेज्जपएसोगाढस्स चरिमंतएएसा 1 अचरिमंतपएसा संखेज्जगुणा 2 चरिमंतपएसा य अचरिमंतपएसा य दो धि विसेसाहिया 3 / दवट्ठपएसट्टयाए सव्वत्थोवे परिमंडलस्स संठाणस्स असंखेज्जपएसियस्स संखेज्जपएसोगाढस्स दबट्टयाए एगे अचरिमे 1 चरिमाई संखेज्जगुणाई 2 प्रचारमं च चरिमाणि य दो वि विसेसाहियाई 3 चरिमंतपएसा संखेज्जगुणा 4 अचरिमंतपएसा संखेज्जगुणा 5 चरिमंतपएसा य अचरिमंतपएसा य दो वि विसेसाहिया 6 / एवं जाव प्रायते। [803 प्र.] भगवन् ! असंख्यातप्रदेशी एवं संख्यातप्रदेशावगाढ़ परिमण्डलसंस्थान के अचरम, चरम, चरमान्तप्रदेश और अचरमान्तप्रदेश में से द्रव्य की अपेक्षा से, प्रदेशों की अपेक्षा से तथा द्रव्य और प्रदेशों की अपेक्षा से कौन किससे अल्प, बहुत, तुल्य अथवा विशेषाधिक है ? [803 उ.] गौतम ! द्रव्य की अपेक्षा से असंख्यातप्रदेशी एवं संख्यातप्रदेशावगाढ़ परिमण्डलसंस्थान का एक अचरम सबसे थोड़ा है, (उसकी अपेक्षा) अनेक चरम संख्यातगुणे अधिक हैं, (उनसे) एक अचरम और अनेक चरम, ये दोनों विशेषाधिक हैं / प्रदेशों की अपेक्षा से असंख्यातप्रदेशो संख्यात प्रदेशावगाढ़ परिमण्डलसंस्थान के चरमान्तप्रदेश सबसे कम हैं, (उनकी अपेक्षा) अचरमान्तप्रदेश संख्यातगुणे हैं, (उससे) चरमान्तप्रदेश और अचरमान्तप्रदेश, ये दोनों (मिलकर) विशेषाधिक हैं। द्रव्य और प्रदेशों की अपेक्षा से असंख्यातप्रदेशी संख्यातप्रदेशावगाढ़ परिमण्डल Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003483
Book TitleAgam 15 Upang 04 Pragnapana Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorShyamacharya
AuthorMadhukarmuni, Gyanmuni, Shreechand Surana, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1983
Total Pages1524
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size37 MB
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