________________ [प्रज्ञापनासूत्र * तदनन्तर गति, स्थिति, भव, भाषा, श्वासोच्छ्वास, आहार, भाव, वर्ण, गन्ध, रस और स्पर्श, इन 11 बातों की अपेक्षा से चौवीस दण्डकों के जीवों के चरम-अचरम आदि का विचार किया गया है / अर्थात्-गति आदि की अपेक्षा से कौन जीव चरम है, अचरम है ? इत्यादि विषयों पर गंभीर विचार किया गया है।' 1. (क) पण्णवणासुत्तं भा. 2 प्रस्तावना पृ. 82-84 (ख) प्रज्ञापना मलय. वृत्ति पत्रांक 229 से 246 तक / Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org