________________ oory Prir 443 इक्कीसवाँ अवगाहना-संस्थानपद प्राथमिक अर्थाधिकारप्ररूपणा विधि-संस्थान-प्रमाणद्वार यौदारिक शरीर में विधिद्वार औदारिक शरीर म सस्थानद्वार प्रौदारिक शरीरों की संस्थानसंबंधी तालिका औदारिक शरीर में प्रमाणद्वार वैक्रियशरीर में विधिद्वार बैंक्रियशरीर में संस्थानद्वार क्रियशरीर में प्रमाणद्वार पाहारकारीर-भेद-स्वामी पाहारकशरीर में संस्थानद्वार पाहारक शरीर में प्रमाणद्वार तेजसशरीर में विधिद्वार तैजसशरीर में संस्थानद्वार जमशरीर में प्रमाणदार कार्मणशरीर में विविध संस्थान-प्रमाणद्वार पुद्गलचयनद्वार शरीरसंयोगद्वार द्रव्य-प्रदेश-अल्पबहुत्वद्वार शरीरावगाहना-अन्य बहुत्वट्टार 0 0 0 471 474 476 बाईसवाँ क्रियापद प्राथमिक क्रिया-भेद-प्रभेदप्ररूपणा जीवों के सक्रियन्व-प्रक्रियत्व की प्ररूपणा जीवों की प्राणातिपातादिक्रिया तथा विषय की प्ररूपणा क्रियाहेतुक कर्मप्रकृतिबन्ध की प्ररूपणा जीवादि के कर्मबन्ध को लेकर क्रियाप्ररूपणा जीवादि में एकरव और पथक्त्व से क्रियाप्ररूपणा चौवीस दण्डकों में क्रियाप्ररूपमा जीवादि में क्रियाओं के सदभाव की प्ररूपणा जीवादि में प्रायोजिता क्रिया की प्ररूपणा जीव में क्रियाओं के स्पष्ट-अस्पृष्ट होने की चर्चा 189 491 493 499 499 "0, 504 [ 14 ] Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org -