________________ तृतीय बहुवक्तव्यतापर] [225 [240-6 उ.] गौतम ! सबसे अल्प सूक्ष्म वनस्पतिकायिक अप्तिक हैं, (उनसे) सूक्ष्म वनस्पतिकायिक पर्याप्तक संख्यातगुणे हैं / [7] एएसि णं भंते ! सुहुमनिगोदाणं पज्जत्ताऽपज्जत्ताणं कतरे कतरेहितो अप्पा वा बहुया वा तुल्ला वा विसेसाहिया वा? गोयमा ! सव्वत्योवा सुहुमनिगोदा अपज्जत्तगा, सुहुमनिगोदा पज्जत्तया संखेज्जगुणा / [240-7 प्र.] भगवन् ! इन सूक्ष्म निगोद के पर्याप्तक और अपर्याप्तक जीवों में से कौन किनसे अल्प, बहुत, तुल्य अथवा विशेषाधिक हैं ? [240-7 उ.] गौतम ! सबसे थोड़े सूक्ष्म निगोद अपर्याप्तक हैं, (उनसे) सूक्ष्म निगोद अपर्याप्तक संख्यातगुणे हैं / 241. एतेसि णं भंते ! सुहमाणं सुहमपुढविकाइयाणं सुहमाउकाइयाणं सुहंमतेउकाइयाणं सुहुमवाउकाइयाणं सुहमवणस्सइकाइयाणं सुहुमनिगोदाण य पज्जत्ताऽपज्जत्ताणं कतरे कतरेहितो अप्पा वा बहुया बा तुल्ला वा बिसेसाहिया वा? ___ गोयमा ! सम्वत्थोवा सुहुमतेउकाइया अपज्जत्तगा 1, सुहुमपुढविकाइया अपज्जत्तया विसेसाहिया 2, सुहुमनाउकाइया अपज्जत्तया विसेसाहिया 3, सुहुमवाउकाइया अपज्जत्तया विसेसाहिया 4, सुहंमतेउकाइया पज्जत्तगा संखेज्जगुणा 5, सुहुमपुढविकाइया पज्जत्तया विसेसाहिया 6, सुहंमअाउकाइया पज्जत्तया विसेसाहिया 7, सुहृमवाउकाइया पज्जत्तया विसेसाहिया 8, सुहुमनिगोदा अपज्जत्तया असंखेज्जगुणा 6, सुहमनिगोदा पज्जत्तया संखेज्जगुणा 10, सुहुमवणप्फइकाइया अपज्जत्तया अणंतगुणा 11, सुहमा अपज्जत्तया विसेसाहिया 12, सुहुमवणफइकाइया पज्जत्तया संखेज्जगुणा 13, सुटुमा पउजत्तया विसेसाहिया 14, सुहुमा विसेसाहिया 15 / [241 प्र.] भगवन् ! इन सूक्ष्म जीव, सूक्ष्म पृथ्वीकायिक, सूक्ष्म अप्कायिक, सूक्ष्म तेजस्कायिक, सूक्ष्म वायुकायिक, सूक्ष्म वनस्पतिकायिक एवं सूक्ष्म निगोदों के पर्याप्तकों और अपर्याप्तकों में से कौन किनसे अल्प, बहुत, तुल्य या विशेषाधिक हैं ? [241 उ.] गौतम ! 1. सबसे थोड़े सूक्ष्म तेजस्कायिक अपर्याप्तक हैं, 2. (उनसे) सूक्ष्म पृथ्वीकायिक अपर्याप्तक विशेषाधिक हैं, 3. (उनसे) सूक्ष्म अप्कायिक अपर्याप्तक विशेषाधिक हैं, 4. (उनसे) सूक्ष्म वायुकायिक अपर्याप्तक विशेषाधिक हैं, 5. (उनसे) सूक्ष्म तेजस्कायिक पर्याप्तक संख्यातगुणे हैं, 6. (उनसे) सूक्ष्म पृथ्वीकायिक पर्याप्तक विशेषाधिक हैं, 7. (उनसे) सूक्ष्म अप्कायिक पर्याप्तक विशेषाधिक हैं, 8. (उनसे) सूक्ष्म वायुकायिक पर्याप्तक विशेषाधिक हैं, 6. (उनसे) सूक्ष्म निगोद अपर्याप्तक असंख्यातगुणे हैं, 10. (उनसे) सूक्ष्म निगोद पर्याप्तक संख्यातगुणे हैं, 11. (उनसे) सूक्ष्म वनस्पतिकायिक अपर्याप्तक अनन्तगुणे हैं, 12. (उनसे) सूक्ष्म अपर्याप्तक जीव विशेषाधिक हैं, 13. (उनसे) सूक्ष्म वनस्पतिकायिक पर्याप्तक संख्यातगुणे हैं, 14. (उनसे) सूक्ष्म पर्याप्तक जीव विशेषाधिक हैं और 15. (उनसे भी) सूक्ष्म जीव विशेषाधिक हैं। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org