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________________ अनुक्रमणिका तृतीय प्रतिपत्ति 3-117 लवणसमुद्र की वक्तव्यता जलवृद्धि का कारण लवणशिखा की वक्तव्यता गौतमद्वीप का वर्णन जम्बूद्वीपगत चन्द्रद्वीपों का वर्णन घातकीखंडद्वीपगत चन्द्रद्वीपों का वर्णन कालोदधिसमुद्रगत चन्द्रद्वीपों का वर्णन देवद्वीपादि में विशेषता स्वयंभूरमणद्वीपगत चन्द्र-सूर्यद्वीप गोतीर्थ-प्रतिपादन घातकीखंड की वक्तव्यता कालोदसमुद्र की वक्तव्यता पुष्करवरद्वीप की वक्तव्यता मानुषोत्तरपर्वत की वक्तव्यता समयक्षेत्र (मनुष्यक्षेत्र) का वर्णन पुष्करोदसमुद्र की वक्तव्यता क्षीरवरद्वीप और क्षीरोदसमुद्र घृतबर, धृतोद, क्षोदवर, क्षोदोद की वक्तव्यता नन्दीश्वरद्वीप की वक्तव्यता अरुणद्वीप का कथन जम्बूद्वीप आदि नाम वाले द्वीपों की संख्या समुद्रों के उदकों का आस्वाद इन्द्रिय पुद्गल परिणाम देवशक्ति संबन्धी प्रश्नोत्तर ज्योतिष्क चन्द्र-सूर्याधिकार वैमानिक-वक्तव्यता परिषदों और स्थिति प्रादि का वर्णन बाहल्य आदि प्रतिपादन अवधिक्षेत्रादि प्ररूपण सामान्यतया भव स्थिति प्रादि का वर्णन Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003482
Book TitleAgam 14 Upang 03 Jivabhigam Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Rajendramuni, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages736
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size19 MB
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