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________________ द्वितीय प्रतिपति : नवविध अल्पबहुत्व] [187 (4) भगवन् ! इन देवस्त्रियों में, देवपुरुषों में और नैरयिकनपुंसकों में कौन किससे कम, बहुत, तुल्य या विशेषाधिक हैं ? ___ गौतम ! सबसे थोड़े नैरयिकनपुंसक, उनसे देवपुरुष असंख्यातगुण, उनसे देवस्त्रियां संख्यातगुणा हैं। (5) हे भगवन् ! इन तिर्यक्योनिकस्त्रियों, तिर्थक्योनिकपुरुषों, तिर्यक्योनिकनपुसकों में, मनुष्यस्त्रियों, मनुष्यपुरुषों और नपुंसकों में, देवस्त्रियों, देवपुरुषों और नैरयिकनपुंसकों में कौन किससे अल्प, बहुत, तुल्य या विशेषाधिक हैं ? गौतम ! सबसे थोड़े मनुष्यपुरुष, उनसे मनुष्यस्त्रियां संख्यातगुणी, उनसे मनुष्यनपुंसक असंख्यातगुण, उनसे नैरयिकनपुंसक असंख्यातगुण, उनसे तिर्यक्योनिकपुरुष असंख्यातगुण, उनसे तिर्यक्योनिकस्त्रियां संख्यातगुणी, उनसे देवपरुष असंख्यातगुण, उनसे देवस्त्रियां संख्यातगुण, उनसे तिर्यक्योनिक नपुंसक अनन्तगुण हैं / (6) हे भगवन् ! इन तिर्यक्योनिकस्त्रियों-जलचरी, स्थलचरी, खेचरी, तिर्यक्योनिकपुरुष-जलचर, स्थलचर, खेचर, तिर्यंचयोनिक नपुसक एकेन्द्रिय ति. यो. नपुसक, पृथ्वीकायिक एके. ति. यो. नपुसक यावत् वनस्पतिकायिक एके. ति. यो. नपुसक, द्वीन्द्रिय ति. यो. नपुसक, त्रीन्द्रिय ति. यो. नपुसक, चतुरिन्द्रिय ति. यो. नपुसक, पंचेन्द्रिय तिर्यक्योनिक नपुसक, जलचर, स्थलचर और खेचर नपुंसकों में कौन किससे कम, बहुत, तुल्य या विशेषाधिक हैं ? गौतम ! सबसे थोड़े खेचर तिर्यकयोनिक पुरुष, उनसे खेचर तिर्यक्योनिक स्त्रियां संख्यातगुणी, उनसे स्थलचर पंचेन्द्रिय तिर्यक्योनिक पुरुष संख्यातगुण, उनसे स्थल. पंचेन्द्रिय तिर्यक्योनिक स्त्रियां संख्यातगुणी, उनसे जलचर तिर्यक्योनिक पुरुष संख्यातगुण, उनसे जलचर तिर्यक्योनिक स्त्रियां संख्यातगुणी, उनसे खेचर पंचे. तिर्यक्योनिक नपुसक असंख्यातगुण, उनसे स्थलचर पंचे. तिर्यक्योनिक नपुसक संख्यातगुण, उनसे जलचर पंचे. तिर्यक्योनिक नपुसक संख्यातगुण, उनसे चतुरिन्द्रिय तिर्यक्योनिक नपुसक विशेषाधिक, उनसे त्रीन्द्रिय ति. यो. नपुसक विशेषाधिक, उनसे द्वीन्द्रिय ति. यो. नपुसक विशेषाधिक, उनसे तेजस्कायिक एकेन्द्रिय ति. यो. नपुसक असंख्यातगुण, Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003482
Book TitleAgam 14 Upang 03 Jivabhigam Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Rajendramuni, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages736
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size19 MB
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