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________________ परिशिष्ट ] [ २१७ =२८३५८०१ ६० -४७२६३ योजन २१/६० भाग सर्वाभ्यन्तरमंडल में सूर्य का दृष्टिपथ क्षेत्र है। सर्वबाह्यमंडल में सूर्य का दृष्टिपथ क्षेत्र का प्रमाण सर्वबाह्यमंडल में सूर्य की एक मुहूर्त की गति सर्वबाह्यमंडल की परिधि मंडल की परिक्रमा करते हुए लगता समय - - ६० मुहूर्त ३१८३१५ योजन = ५३०५ योजन १५। ६० भाग १ मुहूर्त में सूर्य की गति। सर्वबाह्यमंडल में सूर्य का दृष्टिपथ क्षेत्रप्रमाण ज्ञात करने के लिये निम्नलिखित सूत्र का उपयोग करना चाहिये - सर्वबाह्यमंडल में सूर्य की १ मुहूर्त में गति ४ दिनमान का अर्धभाग = ३१८३१५४६ मुहूर्त दिनमान का अर्धभाग ६० = १९०९८९० ६० = ३१८३१ योजन ३०।६० भाग सर्वबाह्यमंडल में दृष्टिपथ क्षेत्र का प्रमाण। द्वितीय विधि - परिधिxदिनमान का अर्धभाग ६० = ३१८३१५४६ ६० = १९०९८९० ६० . = ३१८३१ योजन ३० । ६० भाग सर्वबाह्यमंडल में दृष्टिपथ क्षेत्र का प्रमाण १ - उस-उस मंडल में सूर्य की १ मुहूर्त की गति निकालने के लिये उस-उस मंडल की परिधि को
SR No.003459
Book TitleSuryaprajnapti Chandraprajnapti
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages302
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Geography, agam_suryapragnapti, & agam_chandrapragnapti
File Size4 MB
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