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अष्टम प्राभृत ]
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पुरत्थिम-पच्चत्थिमे णं जहणिया दुवालसमुहुत्ता राई भवइ।
(ख) ता जया णं जंबुद्दीवे दीवे मंदरस्स पव्वयस्स पुरथिमे णं उक्कोसए अट्ठारसमुहुत्ते दिवसे भवइ, तया णं पच्चत्थिमेऽवि उक्कोसए अट्ठारसमुहुत्ते दिवसे भवइ।
जया णं पच्चत्थिमे णं उक्कोसए अट्ठारसमुहुत्ते दिवसे भवइ, तया णं जंबुद्दीवे दीवे मंदरस्स पव्वयस्स उत्तरदाहिणे णं जहणिया दुवालसमुहुत्ता राई भवइ। एवं एएण गमेणं णेयव्वं
अट्ठारसमुहुत्ताणंतरे दिवसे - साइरेग-दुवालस-मुहुत्ता राई। सत्तरस-मुहुत्ते-दिवसे - तेरस-मुहुत्ता-राई। सत्तरस-मुहुत्ताणंतरे दिवसे - साइरेग-तेरस-मुहुत्ता राई। सोलस-मुहुत्ते दिवसे - चोद्दस-मुहुत्ता राई। सोलस-मुहुत्ताणंतरे दिवसे - साइरेग-चोइस-मुहुत्ता राई। पण्णरस-मुहुत्ते दिवसे - पण्णरस-मुहुत्ता राई। पण्णरस-मुहुत्ताणंतरे दिवसे - साइरेग-पण्णरस-मुहुत्ता राई। चोद्दस-मुहुत्ते दिवसे - सोलस-मुहुत्ता राई। चोइस-मुहुत्ताणंतरे दिवसे - साइरेग-सोलस-मुहुत्ता राई। तेरस-मुहुत्ते दिवसे - सत्तरस-मुहुत्ता राई।