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[ सूर्यप्रज्ञप्तिसूत्र
१०. ता लोगनाभिंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहियत्ति वएजा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - ११. ता अच्छंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएजा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु -
१२. ता सूरियावत्तंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएजा, एगे एवमाहंसु,
एगे पुण एवमाहंसु -
१३. ता सूरियावरणंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएजा, एगे एवमाहंसु,
एगे पुण एवमाहंसु - १४. ता उत्तमंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - १५. ता दिसादिसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहियत्ति वएजा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - १६. ता अवयंसंसिणं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु -
१७. ता धरणिखीलंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएजा, एगे एवमाहंसु,
एगे पुण एवमाहंसु -
१८. ता धरणिसिंगसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएजा, एगे एवमासु,
एगे पुण एवमाहंसु - १९. ता पव्वइंदंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - २०. ता पव्वयरायसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहियत्ति वएजा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - वयं पुण एवं वयामो,