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________________ पंचम प्राभृत सूरियस्स लेस्सा पडिघायगा पव्वया २६. . ता कस्सिं णं सूरियस्स लेस्सा पडिहया ? आहिय त्ति वएजा। तत्थ खलु इमाओ वीसं पडिवत्तीओ पण्णत्ताओ, तं जहा - तत्थेगे एवमाहंसु - १. ता मंदरंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएजा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - • २. ता मेरुंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएजा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - ३. तामणोरमंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहियत्ति वएजा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - ४. ता सुदंसणंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहियत्ति वएजा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - ५. ता सयंपभंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएजा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - ६. ता गिरिरायंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहियत्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - ७. ता रयणुच्चयंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहिय त्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - ८. ता सिलुच्चयंसि णं पव्वयंसि सूरियस लेस्सा पडिहया, आहियत्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु - ९. तालोयमझंसि णं पव्वयंसि सूरियस्स लेस्सा पडिहया, आहियत्ति वएज्जा, एगे एवमाहंसु, एगे पुण एवमाहंसु -
SR No.003459
Book TitleSuryaprajnapti Chandraprajnapti
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Kanhaiyalal Maharaj, Shobhachad Bharilla
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1989
Total Pages302
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Geography, agam_suryapragnapti, & agam_chandrapragnapti
File Size4 MB
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