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________________ और संस्थाएं इस प्रकार हैंव्यापारिक प्रतिष्ठान दुर्ग में संचालित संस्थाएँ १. प्रेम एण्ड कम्पनी १. श्री प्रेमजयमाला ट्रस्ट, (रजिस्टर्ड) २. प्रकाश एण्ड कम्पनी २. श्री प्रेम पुण्यार्थ फंड ३. प्रदीप एण्ड कम्पनी ३. श्री आयंबिल एकासना ट्रस्ट ४. हुलास एण्ड कम्पनी ४. श्री आयंबिल वर्षगांठनिधि ट्रस्ट ५. रमेश एण्ड कम्पनी ५. श्री नीवीतपनिधि ट्रस्ट ६. जय ज्वेलर्स ६. श्री प्रेमजयमाला ज्ञानभवन ७. जय ट्रेडर्स ७. श्री प्रेमजयमाला होम्योपैथिक औषधालय (राज.) ८. सहेली वस्त्रालय ८. श्री आचार्य श्रीजयमल जैन वाचनालय एवं ग्रन्थालय ९. मे. शायरमल जैन ९. श्री सार्वजनिक प्याऊ, राममंदिर दुर्ग, अपनी कर्मभूमि दुर्ग में इन संस्थाओं की स्थापना करने के साथ ही आपने आपकी जन्मभूमि को भुलाया नहीं है। तिवरी में भी आपके आर्थिक अनुदान और सत्प्रेरणा से अनेक पारमर्थिक कार्य योजनाबद्ध स्थायी रूप से चल रहे हैं। सेठ प्रेमराजजी सा. एवं उनके समग्र परिवार में अत्यन्त विनम्रता, सरलता, सात्विकता और मिलनसारी के सहज सद्गुण विद्यमान हैं। इस प्रकार श्रीश्रीमाल-परिवार एक आदर्श परिवार है, समाज का गौरव है। युवाचार्य श्री मधुकर मुनिजी म.सा. के प्रति परिवार की अनन्य निष्ठा और गहरी श्रद्धा 000
SR No.003441
Book TitleAgam 04 Ang 04 Samvayanga Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Hiralal Shastri
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1991
Total Pages379
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Metaphysics, & agam_samvayang
File Size24 MB
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