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________________ त्रि-अशीतिस्थानक समवाय भ. महावीर का गर्भापहार. शीतल जिन के गण और गणधर, स्व. मंडितपुत्र का आयुष्य, ऋषभ का गृहवासकाल, भरत राजा का गृहस्थकाल। चतुरशीतिस्थानक समवाय नारकावास, ऋषभ जिन का आयुष्य, भरत, बाहुबली, ब्राह्मी और सुन्दरी का आयुष्य, श्रेयांस जिन का आयु, त्रिपृष्ठ वासुदेव का नरक में उत्पाद, देवेन्द्र शक्र के सामानिक देव, जम्बूद्वीप के बाहर के मंदरों और अंजनक पर्वतों की ऊंचाई, हरिवर्ष एवं रम्यकवर्ष की जीवाओं के धनुः पृष्ठ का परिक्षेप, पंकबहुल काण्ड के चरमान्तों का अन्तर, व्याख्याप्रज्ञप्ति के पद, नागकुमारावास, प्रकीर्णक, जीवयोनियाँ, पूर्वादि संख्याओं का गुणाकार, ऋषभ जिन की श्रमणसम्पदा, विमानावास। पञ्चाशीतिस्थानक समवाय १४२ आचारांग के उद्देशनकाल, धातकीखंड के मंदर, रुचकद्वीप के माण्डलिक पर्वतों की . ऊंचाई, नन्दनवन। षडशीतिस्थानक समवाय सुविधि जिन के गण और गणधर, सुपार्श्व जिन की वादी-सम्पदा, दूसरी पृथ्वी से धनोदधि का अन्तर सप्ताशीतिस्थानक समवाय १४४ मन्दर पर्वत, कर्मप्रकृति, महाहिमवन्तपर्वत एंव सौगंधिक कूट का अन्तर। अष्टाशीतिस्थानक समवाय सूर्य-चन्द्र के महाग्रह, दृष्टिवाद के सूत्र, मन्दर एंव गोस्तूभ पर्वत का अन्तर, सूर्यसंचार से दिवस-रात्रिक्षेत्र का वृद्धि-ह्रास। एकोननवतिस्थानक समवाय ऋषभ जिन का सिद्धिकाल, महावीर जिन का निर्वाणकाल, हरिषेण चक्रवर्ती का राजकाल, शान्ति जिन की आर्याएँ। नवतिस्थानक समवाय शीतलनाथ की अवगाहना, स्वयंभू वासुदेव का विजयकाल, वैताढ्य पर्वत और सौगंधिक काण्ड का अन्तर। एकनवतिस्थानक समवाय परवैयावृत्यकर्म, कालोद समुद्र की परिधि, कुन्थुनाथ के अवधिज्ञानी श्रमण, कर्मप्रकृतियाँ । द्विनवतिस्थानक समवाय प्रतिमा, इन्द्रभूति का आयुष्य, मंदर और गोस्तूभ पर्वत का अन्तर। त्रिनवतिस्थानक समवाय चन्द्रप्रभ जिन के गण और गणधर, शान्तिनाथ के चतुर्दशपूर्वी मुनियों की संख्या, सूर्यसंचार। [११४]
SR No.003441
Book TitleAgam 04 Ang 04 Samvayanga Sutra Stahanakvasi
Original Sutra AuthorN/A
AuthorMadhukarmuni, Hiralal Shastri
PublisherAgam Prakashan Samiti
Publication Year1991
Total Pages379
LanguagePrakrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Metaphysics, & agam_samvayang
File Size24 MB
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