________________
१२
आस्फालित
उज्ज्वलता—- सुरसरिता
उत्कर्ष
उत्तेजित
उत्थान-पतन
उदन्त --
- वृत्तान्त
उपकंठ - निकट
उपधात - तकिया
उपवास
उवाच
ऊहापोह
करुणार्द्र
कलधौत
कलानिधि
काकिणी
किम्पाक
कूप - भेकता
क्रूरता
क्षमता
गीर्वाणी
चित्र-विचित्र
छिद्रान्वेषी
जंगम
जिजीविषा
जिज्ञासा
तुरंगम त्रिभुवनत्रयी
दिङ्मूढ़
दोर्दण्ड
धूलि - धूसरित
पथ्य
परघाती
पाप भीता
Jain Education International
तेरापंथ का राजस्थानी को अवदान
पिशिताशी
प्रतिस्रोत
प्रत्युपकार
प्रवास
बहुश्रुत
ब्राह्मी
भगवच्चरण
भावना
भैषज्य
भोगरसिक
भोगी
मत्तमतंग
मनसा
मान
माया
मृति
वपुषा
वाचा
वान्त (वमन किया हुआ)
वामा
वास्तविकता
वितथ
विद्रूप
विश्रुत
विषमता
विहग
व्यवधान
शल्य
संशय
समाधान
स्कन्धावार
स्खलना
स्थावर
स्वेद
हृदय
प-विदार
For Private & Personal Use Only
www.jainelibrary.org