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________________ ५. दीक्षार्थी प्रकरण प्रश्न १. दीक्षार्थी की योग्यता के क्या-क्या मापदण्ड होने चाहिए ? - सर्वप्रथम जीव - अजीव आदि नव तत्त्वों का जानकार होना चाहिए । ' उत्तर तत्त्वज्ञान के अलावा दीक्षार्थी की योग्यता के ये मानदंड उपलब्ध होते हैं - यथा - १. आर्यदेश का निवासी २. विशुद्ध जाति- कुल संपन्न ३. हलुकर्मी ४. निर्मल बुद्धि-युक्त ५. संसार को असार समझने वाला ६. वैराग्यवान ७. मन्दकषाय ८. हास्यादि - विकृति की अल्पता ९ कृतज्ञ १०. विनयवान १४. श्रद्धावान १५. स्थिर चित्त १६. दीक्षा का प्रबल संकल्प । प्रश्न २. दीक्षा के अयोग्य कौन होता है ? उत्तर - तीन प्रकार के व्यक्ति दीक्षा के अयोग्य माने गए हैं— १. पंडक – जन्मना नपुंसक (कृत नपुंसक दीक्षा ले सकते हैं ।) २. वातिक-विकार उत्पन्न होने के बाद भोग किए बिना नहीं रह सकने वाला । ३. क्लब - - कमजोर दिल का व्यक्ति । प्रश्न ३. ग्रंथों में कितने प्रकार के स्त्री-पुरुष दीक्षा के लिए अयोग्य कहे गये है ? उत्तर- १८ प्रकार के पुरुष तथा बीस प्रकार की स्त्रियां दीक्षा के अयोग्य मानी गई हैं। जैसे- १. बालक (सवा आठ वर्ष से कम) २. वृद्ध ३. नपुंसक ४. क्लीब ५. जड़ ६. व्याधित (किसी बड़े रोग से पीड़ित) ७. चोर ८. राजापकारी (राजा का विरोधी ) ९. उन्मत्त (यक्षादि के आवेश से या प्रबल मोह के उदय से आक्रांत ) १०. अदर्शन ( अन्धा या स्त्यानगृद्धि निद्रावाला) ११. दास (क्रीत गुलाम ) १२. दुष्ट (अधिक कषायी और १. दसवै. अ. ४ गाथा १२ से १४ २. निशीथ ११ / ८३-८४ की टिप्पण Jain Education International ३. बृहत्कल्प ४/४ For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.003051
Book TitleSadhwachar ke Sutra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorRajnishkumarmuni
PublisherJain Vishva Bharati
Publication Year2011
Total Pages184
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Philosophy
File Size6 MB
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