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विषय-सूची
१४७
१४८
१५१
२३६
जाति--स्मरण ज्ञान का वर्णन १४५ | नौवीं उपासक-प्रतिमा का वर्णन २२० सत्य-स्वप्न का वर्णन
१४६ दसवीं उपासक-प्रतिमा का वर्णन २२२ देव-दर्शन का वर्णन
ग्यारहवीं प्रतिमा का वर्णन
२२४ अवधि-दर्शन का वर्णन
जैन वानप्रस्थ की पूर्ण व्याख्या २२७ मन-पर्यवज्ञान का वर्णन । १५०
सप्तमी दशा केवल-ज्ञान का वर्णन केवल-दर्शन का वर्णन
१५२
स्थविरों ने १२ भिक्षु-प्रतिमाएँ वर्णन मोहनीय कर्म के क्षय से सर्व कर्म
की हैं
२३७ क्षय हो जाते हैं
१५३
१२ प्रतिमाओं के नाम निर्देश कर्म बीज के दग्ध हो जाने से भवांकुर
प्रथम मासिक प्रतिमा के उपसर्ग सहन नहीं हो सकता
१५६ करे
२४१ शरीर और कर्मों से रहित हो जाने से
प्रथम मासिक प्रतिमा वाले भिक्षु की . ___कर्म रज से रहित हो जाता है
२४३ भिक्षा विधि
१५७ समाधि से मोक्षगति
मासिक प्रतिमाधारी भिक्षु के तीन गोचरी । १५८
(आहार) के काल का वर्णन २४७ षष्ठी दशा
षट् प्रकार की गोचरी (आहार) के भेदों
का वर्णन उपासक की ११ प्रतिमाओं (प्रतिज्ञाओं) का ।
२४६
साधु के ठहरने के विषय का वर्णन विषय
१६४ अक्रियावादी (नास्तिक मत) का सविस्तर
| प्रतिमा वाले साधु की भाषण करने
वाली भाषाओं का वर्णन वर्णन और नास्तिक के बर्ताव और
प्रतिमा वाले साधु के रहने योग्य नास्तिकता के फलादेश का वर्णन १६५
उपाश्रय का वर्णन क्रियावादी (आस्तिक मत) का वर्णन १६८
प्रतिमा वाले साधु को उपाश्रय की दर्शन-प्रतिमा का वर्णन
२०२
___ आज्ञा लेने का वर्णन दूसरी-उपासक-प्रतिमा का वर्णन २०५
प्रतिमा वाले साधु के संस्तारकों का तीसरी-उपासक-प्रतिमा का वर्णन २०७
वर्णन चौथी उपासक-प्रतिमा का वर्णन २०६
प्रतिमा वाले साधु के उपाश्रय में यदि पाँचवीं उपासक-प्रतिमा का वर्णन २११
अन्य कोई व्यक्ति आ जावे; तो छठी उपासक-प्रतिमा का वर्णन २१५ उस विषय का वर्णन
२५७ सातवीं उपासक-प्रतिमा का वर्णन
उपाश्रय में यदि अग्नि लग जावे, तो उस आठवीं उपासक-प्रतिमा का वर्णन
विषय का वर्णन
२५८
२१६ ।
२१८
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