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________________ ७९९ ] इओ २६ आसंसइ न पर- धणु निय परिगहि अहिरमइ सयलंतेउर- उत्तिमइ इयर - रमणि जणणि व्व पेक्खर । सवि वि सेस गुण- गण भिकखइ || सम- सुह- दुह - हिययाए । सुइरु कालु अइगमइ सह रयणवईए पियाए ॥ य तइयभवि वित्तगइवुत्तंतु [७९६] वयइ जिय- वहु-वयइ न अलीउ --- [७९७] तम्मि चैव य सिहरि - तिलयम्मि सोमणस - नामगि नयरि संति अट्ठ खयरिंद-नंदण | उवसाहिय-विविह-वरससिगइ-रतिगइ ललियगइ मणगइ-पवणगइति । तडिगइ - उडुगइ-तुरियगइ इय विस्य नाम त्ति ॥ मइ - कंति-मयणस्सिरिय निय-रूविण विजिय-रइ [७९८ ] सिरि-सरस्सइ - लच्छि-कित्तिि Jain Education International 2010_05 विज्ज नियय-गुण-भुवण-रंजण ॥ चंदरेह इय पत्त-नामय । रंभ-महिम तह आसि कन्नय ॥ सम-गुण समन्वय सम- सिरिय सम-लायण्ण-विलास | सम-अहिगय-ससि - विमल-कल सम-सुंदर - संभास ॥ [७९९ ] पाविय - जोव्वणारंभ कमिण नउ रज्जहिं विसय-सुहि अन्नम्म उदिणि विरह मिलिवि परोपरु कह विरहि जह मग्गिज्जउ निय-निय जणय पुरउ २०१ ललहिं धम्म-कम्मम्मि निच्चल | भणहिं भणियव्व-पच्चल ॥ भीय पिय सहि कु-वि एगु । पहाण- त्रिवेगु ॥ - For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.002609
Book TitleNeminahacariya Part 1
Original Sutra AuthorHaribhadrasuri
AuthorH C Bhayani, Madhusudan Modi
PublisherL D Indology Ahmedabad
Publication Year1970
Total Pages450
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari & Literature
File Size16 MB
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