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________________ स्था का महत्त्व : आज के नये युग की व नयी पीढी की शंकाओं का समाधान करने के लिये अपने चीन तात्त्विक साहित्य के आधार पर प्रायोगिक वैज्ञानिक अनुसंधान करने वाली के भी संस्था संपूर्ण विश्व में कहीं नहीं है | RISSIOS ही केवल एकमेव व पहली ऐसी संस्था है । इस संस्था के द्वारा होनेवाले अनुसंधानों से - * भारतीय संस्कृति की धार्मिक भावनाएँ संस्कारमय जीवन, व पारिवारिक मूल्यों | की रक्षा होगी। * धार्मिक, आध्यात्मिक व नैतिक मूल्यों की रक्षा होगी । * नयी पीढी वैज्ञानिक दृष्टि से धर्म व जीवन को समजने का प्रयत्न करेगी और उसका स्वीकार करेगी । स्था का कार्य : । हमारी संस्था के द्वारा परम पूज्य मुनि श्रीनंदिघोषविजयजी महाराज लिखित जैनदर्शन. के वैज्ञानिक रहस्य" नामक गुजराती किताब प्रकाशित करके उसी किताब की घर बैठकर ओपन बुक एक्झाम का आयोजन किया गया । दिनांक ११ अगस्त, ००२, रविवार को संस्था के कार्यकारी कार्यालय का उद्घाटन गुजरात के नामी |णितज्ञ व वैज्ञानिक डॉ. पी. सी. वैद्य व शेठ आणंदजी कल्याणजी पीढी के प्रमुख मन श्रावक श्रेष्ठिवर्य श्री श्रेणिकभाई के करकमलों से किया गया । साथ साथ संस्था की वेबसाईट का उद्घाटन बहुआयामी प्रतिभासंपन्न डॉ. मधुसूदनभाई ए. ढांकी ने कया। इसी अवसर पर अतुल (वलसाड) से डॉ. विमलाबहन एस. लालभाई, डॉ. भिजित् सेन (IPR), डॉ. नरेन्द्रभाई भंडारी (PRL), डॉ. जितेन्द्रभाई बी. शाह Director, L. D. Institute of Indology, Ahmedabad), डॉ. रमणभाई ची. नाह (मुंबई), आभामडल के निष्णात डॉ. जे. एम. शाह (मुबंई) पधारे थे । नुसंधान के विभिन्न विषय : भौतिकी : (१) शुद्ध आत्मा व परमाणु का वेग (२) प्रकाश का वेग व प्रकाश का स्वरूप । (३) विद्युचुंबकीय तरंगें (४) गुरुत्वाकर्षण का अस्तित्व व उसका स्वरूप (५) विश्वविज्ञान, ब्रह्मांड का स्वरूप व उसमें कार्य करनेवाले सूक्ष्म तत्त्व / बल (६) आत्मा व पुद्गल का संबंध और उसका स्वरूप (७) मंत्रजाप की व संगीत की ध्वनि व उसका असर, ध्वनि का व उसके वर-व्यंजन आदि वर्णों का रंग (८) रंग का असर व रंगचिकित्सा ___103 For Private & Personal Use Only Jain Edication International www.jainelibrary.org
SR No.002549
Book TitleJain Dharma Vigyana ki Kasoti par ya Vigyana Jain Dharma ki Kasoti par
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNandighoshvijay
PublisherBharatiya Prachin Sahitya Vaigyanik Rahasya Shodh Sanstha
Publication Year2005
Total Pages108
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Science
File Size6 MB
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