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________________ (९) अवकाश, समय व पुद्गल द्रव्य का स्वरूप व संबंध २. ख-भौतिकी : (१) ब्रह्मांड की संरचना : प्राचीन मान्यताएँ व आधुनिक विज्ञान की मान्यताएँ (२) ब्रह्मांड आदि या अनादि ? (३) ब्रह्मांड में प्राप्त श्याम-गर्त, श्वेत-वामन व न्यूट्रॉन स्टार्स (४) द्रव्य व प्रतिद्रव्य की शोध ३. गणित : (१) संख्याएँ व गणित की उत्पत्ति व उसका आविष्कार किसने कैसे किया ? (२) आधुनिक गणित व प्राचीन गणित, जैन गणित व वैदिक गणित (३) T का मूल्य, शून्य का आविष्कार, उसकी विभावना, उपयोग व उसका मूल्य ४. पर्यावरण : (१) पर्यावरण के परिप्रेक्ष्य में प्राचीन साहित्य, इतिहास, समाजविद्या, व अध्यात्म का अध्ययन (२) हिन्दु धर्म की विभिन्न शाखाएँ, द्वैतवाद व अद्वैतवाद इत्यादि का अध्ययन (३) पृथ्वी, पानी, अग्नि, वायु व वनस्पति के जीवों का अन्य प्राणी व मनुष्य उपर का उपकार ५. जीव-विज्ञान : (१) आभामंडल के द्वारा रोग-निदान, वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियाँ, टेलिपथी व दूर-चिकित्सा पद्धति (२) अतीन्द्रियज्ञान व आंतःस्फूरणा ६. भाषाविज्ञान : संस्कृत, प्राकृत, पाली, ब्राह्मी इत्यादि प्राचीन भाषाएँ ७. धर्म : हिन्दु, बौद्ध, जैन व विविध धर्म के क्रिया-कांड. मूर्तिपूजा, उपवास, व्रत-नियम, धार्मिक त्योहार आदि ८. मंत्रविज्ञान : स्तुति, स्तवना, जाप, हिन्दु व बौद्ध इत्यादि परंपरा के विभिन्न मंत्र, यंत्र ९. आहारविज्ञान-जीवनविज्ञान : आहार के प्रकार व उसका जीवन में असर बाजारू फास्ट फूड का विघातक असर १०. योग व ध्यान : शरीर, मन, स्वभाव व आत्मा के उपर योग व ध्यान का असर ____N. B. इस संस्था को प्राप्त दान IT 80 - G (5) अनुसार करमुक्त हैं । 104 Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.002549
Book TitleJain Dharma Vigyana ki Kasoti par ya Vigyana Jain Dharma ki Kasoti par
Original Sutra AuthorN/A
AuthorNandighoshvijay
PublisherBharatiya Prachin Sahitya Vaigyanik Rahasya Shodh Sanstha
Publication Year2005
Total Pages108
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari & Science
File Size6 MB
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