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Reg:
Research Institute of Scientific Secrets from Indian Oriental Scriptures
(RISSIOS) भारतीय प्राचीन साहित्य वैज्ञानिक रहस्य अनुसंधान संस्था
___Reg. Office: C/o Mr. Supremebhai P. Shah 45/B, Parulnagar, Sola Road, Nr. Bhuyangdev X Roads
Ghatlodia, Ahmedabad - 380 061 INDIA Phone: +91-79-27480702, Mobile: 9825071116
E-mail:
[email protected]
Website: http//www.jainscience-rissios.org संस्था का लक्ष्य :
भारतीय प्राचीन तत्त्वज्ञान व उसकी प्राचीन पाण्डुलिपियों के आधार पर भौतिकी पर्यावरण, रसायणशास्त्र, गणित, मंत्रविज्ञान, संगीत, आहारविज्ञान, ध्यान, वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियाँ इत्यादि के बारे में वैज्ञानिक अनुसंधान कार्य करने के लिए "भारतीय प्राचीन साहित्य वैज्ञानिक रहस्य अनुसंधान संस्था की स्थापना की गई है। अनुसंधान कार्य का महत्त्व : ___ अपनी नयी पीढी के युवक युवतियाँ व आगे होनेवाली बहुत सी पीढीयाँ जे केवल शास्त्रीय संदर्भ व तार्किक दलीलों का स्वीकार नहीं करती है और वैज्ञानिक संदर्भ मांगती है उसमें धर्मश्रद्धा पैदा करने के लियेऔर थोड़ी सी भी श्रद्धा हो । उसे दृढ करने के लिये प. पू. शासनसम्राट तपागच्छाधिपति आचार्य भगवं श्रीविजयनेमिसूरीश्वरजी महाराज के पट्टधर प. पू. सिद्धान्तवाचस्पति आचार्य विजय उदयसूरीश्वरजी म. के पट्टधर प. पू. ज्योतिषमार्तड आचार श्रीविजयनंदनसूरीश्वरजी के हस्तदिक्षित व प. पू. आचार्य श्रीविजयसूर्योदयसूरीश्वरण के शिष्य प. पू. पंन्यास श्रीनंदिघोषविजयजी महाराज की प्रेरणा से हमने उपर्युक्त | नाम से वैज्ञानिक प्रायोगिक संस्था शुरु की है । ___ ऐसे अनुसंधान के द्वारा नई पीढी में आध्यात्मिक व नैतिक शक्ति पैदा करके उन उच्चतम स्थाई संस्कारयुक्त चारित्रनिर्माण व जीवननिर्माण करना संस्था का लक्ष्य है। इसी संस्था द्वारा किये गये अनुसंधान से कोई भी व्यक्ति अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त बौद्धिक विकास कर सकेगा । बुद्धिमान व्यक्ति राष्ट्र के विकास में अच तरह सहयोग दे सकता है । साथ साथ अपने दैनंदिन जीवन में भी आध्यात्मि सिद्धांतों का उपयोग करके आत्मिक विकास कर सकता है ।
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