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________________ अनुक्रमण १ ऋषिभाषित सूत्रः एक अमर दीपक है २ श्रवणः निर्वाण पथ का पहला दीपक ३ श्रवण का प्रकाश, आचरण में दुःख के मूलः समझो और तोड़ो ५ निर्लेप होने का सरल विज्ञान ६ प्रगति का मूलमन्त्रः समभाव अहंकार विजय के सूत्र जीवनः एक संग्राम ६ दुःख मुक्ति के आध्यात्मिक उपाय १० दुःख विमुक्ति के लिए ग्रन्थच्छेद ११ जन्म और कर्म का गठबन्धन १२ जन्म-कर्म परम्परा की समाप्ति के उपाय मिथ्या श्रद्धा और सम्यक् श्रद्धा १४ आध्यात्मिक विकास का राजमार्ग लाकैषणा और वित्तषणा के कुचक्र १६ जीवन की सुन्दरता १७ शुद्ध अशुद्ध क्रिया का मापदण्ड १८ दुःखदायी सुखों से सावधान १६ महानता का मूल इन्द्रिय-विजय २० आत्मविद्या से कर्म-विमुक्ति २१ पाप सांप से भी खतरनाक १०३ १०४ १४० १५४ १७७ १८२ २०३ (१८ १२५ २४७
SR No.002473
Book TitleAmardeep Part 01
Original Sutra AuthorN/A
AuthorAmarmuni, Shreechand Surana
PublisherAatm Gyanpith
Publication Year1986
Total Pages282
LanguageHindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size25 MB
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