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________________ भेदी पूजा एवं ३६ कौम में प्रत्येक घर दीठ प्रसादी देने का कार्यक्रम हुआ। * वैशाख सुद ८ शनिवार दिनांक १३-५-८६ के दिन भी पूजा-प्रभावना का कार्यक्रम भव्य समारोह पूर्वक हुआ। प्रतिष्ठा महोत्सव की पूर्णाहुति का कार्य . परम शासन प्रभावना पूर्वक निर्विघ्न पूर्ण हुआ। श्री रामाजी गुड़ा के इतिहास में यह श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान की प्रतिष्ठा का तेरह दिन का महोत्सव सुवर्णाक्षर से अंकित होने वाला सम्पन्न हुआ । [१२] आउवा में प्रतिष्ठा-महोत्सव आउवा में श्री भीड़-भंजन-पार्श्वनाथ भगवान के जिनमन्दिर में ६ जिनबिम्ब एवं श्री नाकोड़ा भैरवदेव के मन्दिर की प्रतिष्ठा निमित्त श्रीसंघ की ओर से वैशाख सुद त्रीज (अक्षय तृतीया) के दिन से नौ दिन का श्री जिनेन्द्र भक्ति महोत्सव प्रारम्भ हुआ। प्रतिदिन पूजा-प्रभावना, प्रांगी-रोशनी तथा रात को भावना का कार्यक्रम चालू रहा। वैशाख सुद ८ शनिवार दिनांक १३-५-८६ के दिन परम शासक प्रभावक पूज्यपाद प्राचार्यदेव श्रीमद् विजय ( ४० )
SR No.002338
Book TitleJinmandiradi Lekh Sangraha
Original Sutra AuthorN/A
AuthorSushilsuri, Ravichandravijay
PublisherSushil Sahitya Prakashan Samiti
Publication Year1997
Total Pages220
LanguageSanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari
File Size10 MB
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