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________________ सं० व्या० शा० इति० में पृष्ठ निर्देश पूर्वक उद्धृत ग्रन्थों का विवरण प्रमरटीका सर्वस्व-सम्पादक-गणपति शास्त्री । चार भागों में। त्रिवेन्द्रम का छपा। अमरटीका ( क्षीरस्वामी )-सम्पादक–कृष्ण जी गोविन्द प्रोके । पूना सन् १९१३ । अल्बेरूनी की भारतयात्रा-सम्पादक-सन्तराम बी. ए.। इण्डियन प्रेस, इलाहाबाद। . इत्सिग की भारत यात्रा-अनुवादक-सन्तराम बी. ए.। इण्डियन प्रेस, इलाहाबाद। उणादिवृत्ति ( श्वेतवनवासी )-प्रकाशक-मद्रास विश्वविद्यालय, मद्रास । उणाद्विवृत्ति (कातन्त्र)-प्रकाशक-मद्रास विश्वविद्यालय, मद्रास । उणादिवृत्ति ( नारायण भट्ट )-प्रकाशक-मद्रास विश्वविद्यालय, मद्रास। . उणादिवृत्ति ( उज्ज्वलदत्त )-प्रकाशक-जीवानन्द विद्यासागर, कलकत्ता। उणादिवृत्ति (हेमचन्द्र)-सं०-जोहन क्रिस्ते । एज्यूकेशन सोसाइटी प्रेस, बायकोला. सन् १८४५। ऋक्तन्त्र-सम्पादक-डा. सूर्यकान्तः । प्रकाशक-मेहरचन्द मुंशी राम, लाहौर । . .। ऋक्सर्वानुक्रमणी-सम्पादक-डा. विजयपाल। प्रकाशक सावित्री देवी बागडिया ट्रस्ट, कलकत्ता । सन् १९८५। । ऋषि दयानन्द के पत्र और विज्ञापन-सम्पादक-पं० भगवद्दत्त । प्रकाशक-रामलाल कपूर ट्रस्ट, अमृतसर । तृतीये संस्करण, चार भागों में । सन् १९८१८३ । कातन्त्र-दुर्गसिंह वृत्ति सहित, नागराक्षर मुद्रित, कलकत्ता संस्करण।
SR No.002284
Book TitleSanskrit Vyakaran Shastra ka Itihas 03
Original Sutra AuthorN/A
AuthorYudhishthir Mimansak
PublisherYudhishthir Mimansak
Publication Year1985
Total Pages340
LanguageSanskrit
ClassificationBook_Devnagari
File Size20 MB
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