________________ 348 पिंडनियुक्ति पिण्डनियुक्ति अवचूरि-श्री देवचन्द्र लालभाई जैन पुस्तकोद्धार, मुम्बई, सन् 1958 / पिण्डनियुक्ति मलयगिरि टीका-देवचन्द्र लालभाई जैन पुस्तकोद्धार, मुम्बई, सन् 1918 / पिण्डविशुद्धिप्रकरण-श्री जिनवल्लभसूरि, ज्ञानभण्डार शीतलवाड़ी उपाश्रय, सूरत, वि.सं. 2011 / पिण्डविशुद्धिप्रकरण टीका-श्री जिनवल्लभसूरि, ज्ञानभण्डार शीतलवाड़ी उपाश्रय, सूरत, वि.सं. 2011 / प्रवचनसार-आचार्य कुंदकुंद, श्री परमश्रुत प्रभावक मण्डल, श्रीमद् राजचन्द्र आश्रम, अगास, वि.सं. 2040 / प्रवचनसारोद्धार-देवचन्द्र लालभाई जैन पुस्तकोद्धार, सूरत, सन् 1926 / / प्रवचनसारोद्धारटीका-देवचन्द्र लालभाई जैन पुस्तकोद्धार, सूरत, सन् 1926 / प्रश्नव्याकरण (अंगसुत्ताणि भा. ३)-वाप्र. आचार्य तुलसी, सं. मुनि नथमल, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), वि.सं. 2031 / प्रश्नव्याकरण टीका-श्री अभयदेवसूरि, श्री आगमोदय समिति, सन् 1919 / बृहत्कल्पभाष्य भा. १-६–सं. मुनि चतुरविजय, श्री जैन आत्मानन्द सभा, भावनगर, सन् 2002 / बृहत्कल्पभाष्य टीका-सं. मुनि पुण्यविजय, जैन आत्मानन्द सभा, भावनगर, सन् 2002 / भगवती (अंगसुत्ताणि-२)-वाप्र. आचार्य तुलसी, सं. युवाचार्य महाप्रज्ञ, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), वि.सं. 2049 / भगवती आराधना-सं. पं. कैलाशचन्द्र शास्त्री, जैन संस्कृति संरक्षक संघ, शोलापुर, सन् 1978 / भगवती टीका-आचार्य अभयदेवसूरि, आगमोदय समिति, मुम्बई, सन् 1918 / भगवती भाष्य भा. १-वाप्र. गणाधिपति तुलसी, सं. आचार्य महाप्रज्ञ, जैन विश्व भारती संस्थान, लाडनूं (राज.), सन् 1994 / भगवती भाष्य भा. २-वाप्र. आचार्य तुलसी, सं. आचार्य महाप्रज्ञ, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), सन् 2000 / भगवती भाष्य भा. ३–वाप्र. आचार्य तुलसी, सं. आचार्य महाप्रज्ञ, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), सन् 2005 / भगवती भाष्य भा. ४-वाप्र. आचार्य तुलसी, सं. आचार्य महाप्रज्ञ, जैन विश्व भारती, लाडनूं (राज.), सन् 2007 / भावपाहुड़ (अष्टपाहुड़)-सं. डॉ. हुकमचन्द भारिल्ल, श्री कुंदकुंद कहान दिगम्बर जैन तीर्थ सुरक्षा ट्रस्ट, जयपुर, सन् 1994 मज्झिमनिकाय-सं. भिक्खु जे कश्यप, पालि प्रकाशन मण्डल, बिहार, सन् 1958 / मनुस्मृति-सं. गोपालशास्त्री नेने, चौखम्भा संस्कृत संस्थान, वाराणसी, वि. सं. 2063 / मूलाचार भा. १-आचार्य वट्टकेर, भारतीय ज्ञानपीठ, दिल्ली, सन् 1992 / मूलाचार भा. २-पं. कैलाशचन्द्रशास्त्री, भारतीय ज्ञानपीठ, दिल्ली, सन् 1986 / मूलाचार टीका-सं. पं. कैलाशचन्द्रशास्त्री, भारतीय ज्ञानपीठ, दिल्ली, सन् 1992 / मोक्षपाहुड़ (अष्टपाहुड़)-सं. डॉ. हुकमचन्द भारिल्ल, श्री कुंदकुंद कहान दिगम्बर जैन तीर्थ सुरक्षा ट्रस्ट, जयपुर, सन् 1994 / Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org