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________________ ९२ पिंडनियुक्ति ३०२/२. अह मंसम्मि पहीणे, झायंत' मच्छियं भणति मच्छो। किं झायसि तं एवं, सुण ताव जहा अहिरिओ सि ॥ ६३१ ।। ३०२/३. तिबलागमुहुम्मुक्को', तिक्खुत्तो वलयामुहे। तिसत्तक्खुत्तजालेणं, सइ छिन्नोदए दहे ॥ ६३२ ।। ३०२/४. एयारिसं मम सत्तं, सढं घट्टियघट्टणं । इच्छसि गलेण घेत्तुं, अहो ते अहिरीयया ॥ ६३३ ॥ ३०२/५. बायालीसेसणसंकडम्मि, 'गहणम्मि जीव न हु८ छलितो। एण्हिं जह न छलिज्जसि, भुंजतो रागदोसेहिं ॥ ६३४ ॥ ३०३. घासेसणा तु भावे, होति पसत्था ‘य अप्पसत्था य'१०। अपसत्था पंचविधा, तव्विवरीता पसत्था उ१ ।। ६३५ ॥ ३०३/१. संजोयणमइबहुयं२, इंगाल'३ सधूमगं अणट्ठाए। 'पंचविधा अपसत्था'४, तव्विवरीता पसत्था उ५ ॥ ३०४. दव्वे भावे संजोयणा उ दव्वे 'दुहा उ'१६ बहि अंतो। भिक्खं चिय हिंडतो, संजोयंतम्मि८ बाहिरिया ॥ ६३६ ॥ ३०५. खीर-दहि-सूव-कट्टर० लंभे गुड-सप्पि-वडग-वालुंके। अंतो उ तिहा पाए, लंबण वयणे२२ विभासा उ॥ ६३७ ॥ १. ज्झयंतं (अ)। १४. अपसत्था पंचविहा (जीभा १६१०), विह अप्प (स)। २. ओनि ५४०, कथा के विस्तार हेतु देखें परि. ३, १५. यह गाथा सभी हस्तप्रतियों में प्राप्त है किन्तु कथा सं. ५०। मलयगिरि ने इस गाथा का कोई उल्लेख नहीं ३. तिविला (बी), ‘गमुहा मुक्को (ओनि ५४२)। किया है। अवचूरिकार ने "संजो गाहा" इतना ४. क्खुत्तो" (क, मु)। संकेत करके गाथा का संक्षिप्त भावार्थ दिया है। ५. मं (ब), महं (ब, ला)। यह गाथा प्रक्षिप्त सी लगती है क्योंकि ३०३ वीं ६. गलेणा (स, ब)। गाथा का उत्तरार्द्ध इस गाथा से अक्षरशः मिलता है। ७. अहीरियया (ब, स), ओनि ५४३ । १६. दुविहा उ होइ (ब, ला, स)। ८. गेण्हंतो जीव! ण सि (जीभा १६०८)। १७. यंतो (स)। ९. ओनि ५४५, क प्रति में इस गाथा का केवल प्रथम १८. संजोइयम्मि (स)। पद है। १९. तु. जीभा १६११। १०.तहेव अप्प (स)। २०. कट्टरस्य तीमनोन्मिश्रघृतवटिकारूपस्य देशविशेष११. य (स), तु (जीभा १६०९)। प्रसिद्धस्य (म)। १२.संजोइय(ब, ला, स), 'बहुया (अ, बी)। २१. वालंके (बी)। १३. सयंगाल (ब), संगाल (जीभा)। २२. वयण (ला), वयणा (क)। Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org
SR No.001945
Book TitleAgam 41 Mool 02 Pind Niryukti Sutra
Original Sutra AuthorN/A
AuthorDulahrajmuni
PublisherJain Vishva Bharati
Publication Year2008
Total Pages492
LanguagePrakrit, Sanskrit, Hindi
ClassificationBook_Devnagari, Agam, Canon, Ethics, & agam_pindniryukti
File Size9 MB
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