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( १२७ )
प्रा० देखिए-पृ० २४ 'ई' को 'ए'।
७. 'ई' को 'ए' :
सं०
पीयूष, पेयूष ८. 'ऋ' को रि' :
सं०
ऋज, रिज ९. 'ऋ' को 'लु' :
सं० ऋफिड, लुफिड
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प्रा० देखिए-पृ० १५ नि० (९)।
प्रा०
प्राकृत में भी 'र' का 'ल' होता है। देखिए पृ० ५२ 'र' का परिवर्तन
(१०) 'औ' को 'उ' :
प्रा०
प्रा०
कौतुक, कुतुक । देखिये, पृ० ३२ 'ओ' को 'उ'।
कौङ्कण, कुङ्कण । संस्कृत तथा प्राकृत में व्यंजनों का समान परिवर्तन
अन्यव्यंजन का लोपः
सं० धामन्, धाम महस्, मह तमस्, तम सोमन्, सोम
देखिये, पृ. ३२ नि० (क) रोचिस्, रोचि शोचिस, शोचि चर्मन, चर्म शवस्, शव होमन, होम तपस्, तप
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