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________________ पारिभाषिकादि - शब्दसूची समत्वप्रभाव 1167 शुक्ल 1199, 1486, 1616, 2117,2139,2142-47F. समय 909, 2190 शुक्लध्यान 10601, 1199, समाधि 486, 1071, 1331, 1616, 2120, 2139, 2143 शुक्ललेश्या 1869, 2125 शुद्धश्या 275 शुद्धि ( द्वा)830 शुद्धोपयोग 274, 1513F., 1616 1459 समारम्भ 481 समास 413 समिति 190, 474, 476, 888 शुनासीर 10602 शुभाशुभ 1599 श्रद्धान 1072 श्रीमद्वृषभादि 2017 श्रुत 453 1 समुच्छिन्नक्रिया 2151 2196 समुद्घात 2184 सम्यकूचारित्र 912 सम्यक्त्व 387, 391 सम्यग्ज्ञान 257, 912 सम्यग्दर्शन 388, 912 सम्यग्दर्शनदोष 395 सयोगिन् 2152 सर्व 1922 सर्वज्ञदेव 1625, 1991 श्रुतज्ञान 451, 453, 1625, 1627, 1632 श्रुतलक्षण 1636 F. श्रुतशून्य 1612 श्रुतस्कन्ध 6, 918, 1969, सर्वज्ञशासन 7 सर्वज्ञीभूत 2074 2162, 2164 श्रुतस्कन्धबीज 2027 श्लेष 145 श्वसना 1879, 1896 F. सर्वार्थसिद्धि 2128 विकल्प ( ध्यान ) 284,288 सवितर्कमवीचार 2150 F. सवीर्यध्यान 1470, 1512 संकल्प 517 संक्रम 1358, 2155 षड्गुणस्थानक 1217 षोडशाक्षरी विद्या 1962 सकाम - निर्जरा 191 सत्य 174, 531 F. सत्यव्रत 557 सत्संग 803 सदाभ्यास 1072 सन्मति 474, 2061 संग 322,823, 827-28, 831-32 F. संचरण 1449 F. संचार 1461 संजयन्त 2020 संज्ञा 904 सन्मार्गच्युति 1028 संतोष 1071 संमोही 330 सप्ताक्षरमन्त्र 2015 सप्तानीक 1800 सबीजध्यान 1512 वीर 476, 852, 1019, 2005, 2031, 2228 वीरनाथ 1216 वीरासन 1311 वृत्त 472 वृद्ध 776 वृद्धसेवा 771 F. वृषभसेन 2045 623 वेद 825 1212 1670 F. वेध 342, 1444 F. वेग वेदना वेदनीय वैक्रियिक 1756 वैनतेय 1059 वैनयिक 307 व्यक्ति 1479, 1491 2099 व्यञ्जनपर्याय 433 व्यञ्जनसंक्रान्ति 2156 व्यय 1625 व्युत्सर्ग ( समिति ) 901 व्रत 476-77 शक्ति 1479, 1491, 2099 शतमख 694 शम्भु 1416 राम 954. शमक 2124 शशिमार्ग 1379 शालिमत्स्य 517 fara 878, 1059,1193,1922, 2024 शिवतत्त्व 10601, 1944 शिवत्व 2097 शिवपद 255 शिवास्पद 1998 शिवीभवेत् 141 शिवीभूत 872 Jain Education International समत्व 902, 944, 963, 1147, 1170, 1183, 1460 For Private & Personal Use Only ७३५ संयम 298, 819 F., 1600 संयमिन् 854, 924, 1049, 1183 संरक्षण 1225 www.jainelibrary.org
SR No.001696
Book TitleGyanarnav
Original Sutra AuthorShubhachandra Acharya
AuthorBalchandra Shastri
PublisherJain Sanskruti Samrakshak Sangh Solapur
Publication Year1977
Total Pages828
LanguageHindi, Sanskrit
ClassificationBook_Devnagari, Principle, Dhyan, & Yoga
File Size18 MB
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